पटना: जदयू नेता ललन सिंह ने मोकामा विधायक अनंत सिंह से मुलाकात की है। ललन सिंह को अनंत सिंह और जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच उत्पन्न विवाद को सुलझाने के लिए पार्टी ने अधिकृत किया था। बता दें कि अनंत सिंह पिछले सप्ताह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन के दौरान उनके साथ मौजूद रहे थे और अपना समर्थन जताया था। ऐसे में जदयू नेताओं के बीच चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए ललन सिंह ने यह मुलाकात की थी।
पार्टी नेतृत्व से हुई चूक: ललन सिंह
अनंत सिंह से बात करने के बाद ललन सिंह ने कहा कि अगर कोई क्रिया अगर होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी, ताली एक हाथ से नहीं बजती। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह का विधानसभा चुनाव के वक्त विरोध हुआ था, उस समय पार्टी ने इसे नहीं सुलझाया था। पार्टी नेतृत्व से चूक हुई थी। ललन सिंह ने बताया कि अनंत सिंह ने उनसे कहा कि जिसने मेरा विरोध किया, हम उसके लिए वोट नहीं मांगेंगे। इस पर ललन सिंह ने उनसे कहा कि आप कोई सार्वजनिक बयान न दें, इस पर अनंत सिंह सहमत हो गए हैं।
जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन
बता दें कि अनंत कुमार सिंह ने बीते गुरुवार को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान अनंत सिंह के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौजूद थे। ऐसे में अनंत सिंह के इस बगावती तेवर के बाद जयदू में हलचल मच गई थी। हालांकि जदयू ने इस विवाद को समाप्त करने की जिम्मेदारी ललन सिंह को सौंपी थी, जिसके बाद उन्होंने आज अनंत सिंह के साथ यह बैठक की।
नीरज कुमार के खिलाफ रहेंगे अनंत सिंह
अनंत सिंह पहले ही यह क्लियर कर चुके हैं कि वह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से फिर चुनाव लड़ रहे JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार की हार चाहते हैं। उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में जुलूस भी निकाला था। अनंत सिंह ने चुनौतीपूर्ण रुख अपनाते हुए कहा, ''मुझे नहीं मालूम कि इस मामले में पार्टी का क्या रुख है। सच्चाई यह है कि उन्होंने (नीरज कुमार ने) कई मौकों पर मेरा विरोध किया है। मुझे भी उन्हें उसी भाषा में जवाब देना है।''
2015 से ही चल रहा है विवाद
दरअसल, नीरज कुमार के प्रति अनंत सिंह की नाराजगी 2015 के विधानसभा चुनाव से जारी है। उस समय अनंत सिंह ने JDU से नाता तोड़कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। JDU ने तब नीरज कुमार को इस विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, अनंत सिंह ने बड़े अंतर से यह सीट बरकरार रखी थी।
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