बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सम्राट चौधरी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की टीम ने राजधानी पटना के धनरूआ अंचल कार्यालय में छापेमारी कर एक अंचल क्लर्क को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से अंचल कार्यालय और पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है मामला
बिहार के पटना जिले के धनरूआ अंचल कार्यालय में 6 जुलाई 2026 दिन सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने अंचल लिपिक शैलेश कुमार को 50,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क यह घूस अपनी खानदानी जमीन की जमाबंदी कराने के एवज में मांग रहा था। शैलेश कुमार, जो पिछले 3 वर्षों से धनरूआ अंचल कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत था। शिकायतकर्ता: रमनीबीघा गांव के रहने वाले राजकुमार ने शिकायत निगरानी विभाग में की थी , सत्यापन करने के बाद, निगरानी विभाग के डीएसपी आसिफ रफीक मेहंदी के नेतृत्व में एक टीम ने सोमवार को अंचल कार्यालय में जाल बिछाया और क्लर्क को घूस की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पूछताछ और आगे की कार्रवाई
निगरानी की टीम गिरफ्तार क्लर्क को अपने साथ पटना मुख्यालय ले आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस घूसखोरी के खेल में अंचल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी या अंचलाधिकारी की संलिप्तता है या नहीं।
कार्यालय में हड़कंप
इधर घटना के बाद अफरातफरी का माहौल बन गया। निगरानी के कार्रवाई के बाद कार्यालय में सन्नाटा छा गया। अंचल व प्रखंड के सारे कर्मी दोपहर का भोजन एक ही होटल में करते हैं। शैलेश भोजन करने के बाद वापस कार्यालय जा रहा था तभी निगरानी की टीम ने दबोच लिया। टीम ने सीओ कार्यालय की भी जांच की। सीओ कार्यालय का गेट बंद कर करीब 45 मिनट तक जांच की उसके बाद टीम निकल गई।
(रिपोर्ट - बिट्टू कुमार)