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चावल के आटे, लकड़ी और ईंट के बुरादे से बनाए जा रहे थे मसाले, मिलावट खोरों का भंडाफोड़, सील हुई फैक्ट्री

समस्तीपुर में नकली मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में मसाले बनाए जा रहे थे जिसमें चावल के चूर्ण, लकड़ी और ईंट के बुरादे, संदिग्ध रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रशासन ने फैक्ट्री की सील कर दिया है।

समस्तीपुर में नकली मसाला बनाने वाली फैक्ट्री- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV समस्तीपुर में नकली मसाला बनाने वाली फैक्ट्री

त्योहार पर एक ओर मिलावट खोरों का धंधा तेजी से बढ़ने लगता है तो वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन भी चौकन्ना हो जाते हैं। मिलावट खोरों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में बिहार के समस्तीपुर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली कथित नकली मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। फैक्ट्री में जो मसाले बनाए जा रहे थे उनमें चावल के चूर्ण, लकड़ी के बुरादे, धान की भूसी और संदिग्ध रंग जैसी सामग्री से मसाला तैयार किए जाने की आशंका है। सदर एसडीएम राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर फैक्ट्री को सील कर दिया है। मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, वहीं मसाला बनाने वाले कई लोग फरार हो गए।

मसाला फैक्ट्री में मिला लकड़ी और ईंट का बुरादा 

ये पूरा मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के विरसिंहपुर गांव का है। जानकारी के मुताबिक, यहां लंबे समय से नकली गरम मसाला तैयार किए जाने की सूचना प्रशासन को मिल रही थी। गुरुवार को सदर एसडीएम राकेश कुमार के नेतृत्व में खाद्य विभाग और पुलिस की टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही वहां काम कर रहे कई लोग मौके से फरार हो गए। हालांकि, एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में लो क्वालिटी वाले चावल, चावल का चूर्ण, लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी मिली है। इसके अलावा मसालों में मिलाने वाला रंग और सुर्खी का बुरादा समेत कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई हैं। प्रशासन फैक्ट्री से तैयार होने वाले मसालों के नमूने भी जब्त किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि मसालों में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। 

क्या अवैध तरीके से चल रही थी फैक्ट्री?

जानकारी के मुताबिक पहले इस जगह पर लोग अपने खड़े मसाले कुटवाने के लिए आते थे। बाद में यहां कथित तौर पर नकली गरम मसाला तैयार करने का काम शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां लोगों के मसाले की कुटाई होती थी, लेकिन बाद में व्यवस्था बदल गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कारोबार कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। फैक्ट्री का मालिक कौन है। क्या इसके संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस और अनुमतियां ली गई थीं? प्रशासन इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रहा है। 

सुनील कुमार, समस्तीपुर