Highlights
- बिहार के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह पर करीब 1.11 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज।
- तलाशी में 5.70 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद।
- सिलीगुड़ी में पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन के 10 दस्तावेज मिले, वार्षिक विवरण में जिक्र नहीं।
पटना: बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कार्रवाई की है। ब्यूरो ने पटना, कटिहार और सारण में उनके आवास और कार्यालय समेत 3 ठिकानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी के मुताबिक, इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी और परिजनों के नाम पर ऐसी संपत्तियां मिली हैं, जिनका कुल मूल्य उनकी ज्ञात आय से करीब 88 फीसदी अधिक है।
1.09 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय से अधिक संपत्ति का मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ 1,10,96,883 रुपये यानी करीब 1.11 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान आरोपी, उनकी पत्नी और परिजनों के नाम पर कुल 14 अचल संपत्तियां मिली हैं। इनकी कुल कीमत 1,79,41,883 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा पांच चल संपत्तियों का मूल्य 16,55,000 रुपये बताया गया है।
तलाशी में 5.70 लाख रुपये नकद मिले
ब्यूरो के अनुसार, तलाशी के दौरान 5 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं, जिनकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। जांच टीम को बैंक में निवेश, शेयर और जीवन बीमा निगम (LIC) में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी इन दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि संपत्ति और निवेश के स्रोत का पता लगाया जा सके।
सिलीगुड़ी में पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन
जांच एजेंसी के मुताबिक, सिलीगुड़ी के महंगे व्यावसायिक इलाके में साल 2021 के दौरान जमीन खरीदने से जुड़े 10 दस्तावेज मिले हैं। इनके अनुसार, कुल 92 डिसमिल जमीन आरोपी की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर खरीदी गई थी। ब्यूरो का आरोप है कि इस जमीन का उल्लेख चंद्रशेखर सिंह ने अपने वार्षिक संपत्ति विवरण में नहीं किया था। जमीन खरीदने के समय वह ग्रामीण कार्य विभाग में सहायक अभियंता के पद पर फारबिसगंज में तैनात थे।
पटना में 3 BHK फ्लैट, कटिहार में भी संपत्ति
तलाशी के दौरान पटना में तीन बेडरूम, हॉल और किचन (3 BHK) वाला फ्लैट होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा कटिहार स्थित पैतृक आवास में दो बेडरूम, हॉल और किचन (2 BHK) वाला फ्लैट मिला है। जांच एजेंसी को संपत्ति से जुड़े अन्य दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। ब्यूरो यह पता लगाने में जुटा है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन कहां से आया।
कई जिलों में अलग-अलग पदों पर तैनात रहे चंद्रशेखर
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर सिंह ने साल 2014 से 2017 तक बांका में सहायक अभियंता के रूप में काम किया। इसके बाद 2017 से 2020 तक बायसी और 2020 से 2024 तक फारबिसगंज में सहायक अभियंता रहे। फरवरी 2024 से फरवरी 2025 तक उन्होंने भागलपुर में गुणवत्ता लैब नियंत्रण का काम संभाला। फरवरी 2025 से जून 2026 तक वह किशनगंज-2 में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात रहे। जून 2026 से वह छपरा के गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। फिलहाल, ब्यूरो को मिले दस्तावेजों और निवेश से जुड़ी जानकारी की जांच जारी है।
अन्य दस्तावेजों की भी जांच
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, तलाशी के दौरान मिले जमीन और संपत्ति से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद उनकी कीमत का पता चलेगा। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और उनके परिजनों के नाम पर मौजूद संपत्तियां उनकी ज्ञात आय के मुकाबले कितनी अधिक हैं। बता दें कि इसके पहले भी बिहार में एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर में नोटों के ढेर मिले थे।
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