बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और RJD चीफ लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए तेजस्वी ने बाढ़, बाढ़ पीड़ितों और चिराग पासवान के राघोपुर में घूमने, पत्रकार की पिटाई और सीतामढ़ी में RJD नेता का मुद्दा उठाया। जानें तेजस्वी यादव ने क्या-क्या कहा।
बाढ़ को लेकर कई बार चिट्ठी लिखी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला
तेजस्वी यादव ने बोले कि बाढ़ को लेकर कई बार चिट्ठी लिखी लेकिन कोई जवाब नहीं आया। डबल इंजन की सरकार है लेकिन दोनों इंजन में आग लग गई है, खजाना खाली है। बाढ़ के ठीक पहले नॉर्मल स्कीम के लिए आकस्मिक फंड से 4 हजार करोड़ निकाल लिए गए यानी खजाना खाली है। पीएम को भी मैंने चिट्ठी लिखी है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। किसी भी केंद्रीय मंत्री में आज हैसियत नहीं है कि वह बिहार के लिए विशेष पैकेज या सहायता लेकर आए।
बिहार के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार
पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा, 'इससे पहले जब भी बाढ़ आई है प्रधानमंत्री से लेकर हर कोई यहां पर आया है। 19 अगस्त 2024 का ये न्यूज देखिए, प्रधानमंत्री ने गुजरात में बाढ़ आने पर CM से बात की, बाढ़ पर जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया। 2017 में भी पीएम ने रिलीफ की घोषणा की, गुजरात को पीएम कैसे देखते हैं और बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं। बिहार को जिस तरह से पीएम ने इग्नोर किया, आने वाले समय बिहार के लोग भी पीएम को इग्नोर करेंगे। सीएम ने पीएम से पता नहीं बात की भी है या नहीं, बाढ़ को लेकर कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है।
राघोपुर में चिराग घूमें लेकिन मदद भी लेकर आएं
वहीं, राघोपुर में चिराग पासवान के घूमने पर तेजस्वी ने कहा कि घूम रहे हैं तो अच्छी बात है लेकिन भाई मदद तो लाओ, हम तो सरकार में नहीं हैं। सिर्फ मांग कर सकते हैं, चिराग फिजूल क्यों घूम रहे हैं, घूमकर देख लिया देखने के बाद बिहार के लिए मदद लेकर आनी चाहिए। अन्य मंत्रियों ने भी क्या इसको लेकर पत्र लिखा है।
तेज्सवी ने किया अराजकता के माहौल का जिक्र
इसके अलावा, पत्रकार की पिटाई पर तेजस्वी बोले कि अराजकता का माहौल है। सवाल पूछने पर पत्रकार पीट दिया जाता है। कड़ा एक्शन होना चाहिए।
सीतामढ़ी में RJD नेता की हत्या पर तेजस्वी ने जताई नाराजगी
वहीं, सीतामढ़ी में RJD नेता की हत्या पर तेजस्वी यादव बोले कि वे पार्टी के जिला उपाध्यक्ष भी थे। कुछ दिन पहले भी हमला हुआ था। तब थाने में रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी। फिर, तीन-चार दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई। उनके परिजनों से मेरी बात हुई है। आम जनता का फिर क्या होगा जब जनप्रतिनिधि को नहीं सुना जाता है। इससे पहले, हाल ही में जब तेजस्वी यादव बोट पर सवार होकर बाढ़ का जायजा लेने निकले थे तब उस बोट की हवा निकल गई थी। इस घटना में वह बाल-बाल बच गए थे।
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