छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार को तीन महिलाओं समेत छह माओवादियों ने सरेंडर कर दिया। इन सभी पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, पड़ोसी सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के अनुसार, सरेंडर करने वाले छह माओवादियों में से चार ओडिशा में एक्टिव थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सली आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति एवं बीजापुर में संचालित पुनर्वास योजनाओं से प्रभावित होकर हथियार छोड़ने का फैसला किया।
एसपी ने बताया कि माओवादियों ने संगठनात्मक ढांचे के कमजोर होने, सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, हिंसक और जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादियों के सफल पुनर्वास एवं आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास को भी आत्मसमर्पण की प्रमुख वजह बताया।
तीन माओवादियों पर था 8-8 लाख रुपये का इनाम
सरेंडर करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या (30), उनके पति संतोष कुड़ियम उर्फ सुक्कू (27) और पांडो पोडियाम उर्फ सस्मिता (28) शामिल हैं। ये तीनों ओडिशा राज्य इकाई की कंपनी नंबर 8 में प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (पीपीसीएम) के रूप में सक्रिय थे। इनमें से प्रत्येक पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ इकाई की कंपनी नंबर 2 में पीपीसीएम के रूप में सक्रिय कोसा मड़वी (30) पर भी आठ लाख रुपये का इनाम था। ओडिशा राज्य इकाई के पार्टी सदस्य देवें मड़कम उर्फ जन्नी (22) पर दो लाख रुपये, जबकि बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में सक्रिय लल्लू ताती (25) पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, सभी सरेंडर करने वाले माओवादी बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। उन पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सुरक्षा बलों पर हुए विभिन्न हमलों में शामिल होने का आरोप है। बीत दिनों सुकमा में बेकार और बचे हुए विस्फोटकों को नष्ट करने के दौरान अचानक धमाका हो गया। हादसे में CRPF के चार जवान घायल हो गए।
पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता
एसपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और स्वरोजगार के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर देकर समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
सुकमा के जंगल में हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा मिला
एक अन्य कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने सोमवार को सुकमा जिले के जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों, कारतूसों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया। अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया।
जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने किस्टाराम थाना क्षेत्र के पलाचलमा गांव के पहाड़ी और वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान छिपाकर रखी गई हथियारों की खेप का पता चला। बरामद सामग्री में दो .303 राइफल, एक सिंगल शॉट हथियार, चार बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल), तीन 12 बोर राइफल, दो मजल-लोडिंग बंदूकें और एक देशी पिस्तौल शामिल हैं।
इसके अलावा, इंसास राइफल की तीन मैगजीन, 26 जिंदा कारतूस, 12 बोर के 20 जिंदा कारतूस, एक एरो बम, बीजीएल के दो गोले, एक वायरलेस सेट और 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर भी बरामद किए गए।
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