अपहरण के बाद 2 दिन घर में रखकर रेप किया; भीड़ ने युवक को जिंदा नहीं छोड़ा
झारखंड के चतरा जिले में मंगलवार को एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई। यहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप के बाद युवक को ग्रामीणों पीट-पीटकर मार डाला।

झारखंड के चतरा जिला के टंडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई हिंसक घटना में एक युवक की भीड़ द्वारा कथित रूप से बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय मो. एमरोज (25) के रूप में हुई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों के अनुसार रविवार रात 10 बजे युवक ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया था। अपहरण के बाद नाबालिग को दो दिनों तक अपने घर में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन वह नहीं मिली। बताया जाता है कि आरोपी के घर वालों से भी नाबालिग छात्रा के बारे में पूछताछ की गई लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। इसके बाद मंगलवार की सुबह करीब 2 बजे छात्रा अपने घर पहुंची, जहां उसने पूरा घटनाक्रम परिजनों को बताया।
इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी के घर पहुंच गए। आरोप है कि लोगों की भीड़ ने युवक को घर से बाहर निकालकर सड़क पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जमकर पीटा।
मृतक के पिता को भी पीटा
मृतक के परिजनों का आरोप है कि एक कथित घटना की सूचना फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और युवक को जबरन बाहर निकालकर लाठी-डंडों, पत्थरों एवं अन्य वस्तुओं से मारपीट की। परिजनों का यह भी आरोप है कि युवक को बचाने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी मारपीट जारी रही। इन सभी आरोपों की जांच की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक नाबालिग बालिका के साथ कथित दुष्कर्म की सूचना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और स्थिति हिंसक हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा युवक को भीड़ से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और नाबालिग की मेडिकल जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक के विरुद्ध पूर्व में पॉक्सो अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास कानून अपने हाथ में लेने का आधार नहीं बन सकता। दोषियों को सजा देना न्यायालय का अधिकार है, न कि भीड़ का।
पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वीडियो फुटेज तथा अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
पहचान कर होगी कार्रवाई
थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। सभी दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, बिहार के बेगूसराय में भरी पंचायत में एक महिला के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। रेप पीड़िता से भरी पंचायत में कान पकड़वाकर थूक चटवाया गया।
(रिपोर्ट- संजीत मिश्रा)
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