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खाने के लिए नहीं थे पैसे, जन्म देते ही मां ने अजनबी को बेच दिया बच्चा, 25 हजार में हुआ सौदा

महिला की आर्थिक स्थिति कथित तौर पर बहुत कमजोर थी और वह अपने बच्चों का खर्च नहीं उठा पा रही थी। इसी वजह से उसने यह गलत कदम उठाया, लेकिन अब पूरा प्रशासन मामले की तह तक जाने में जुटा है।

कोइड़ा मैटरनिटी...- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT कोइड़ा मैटरनिटी वेटिंग होम में भर्ती थी महिला

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। कोइड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पटामुंडा हटिंग गांव में एक महिला ने अपने नवजात शिशु को जन्म के 2 दिन बाद ही बेच दिया। यह मामला पूरे इलाके में सनसनी का कारण बन गया है। जानकारी के अनुसार, महिला ने अपने नवजात बेटे का सौदा 50000 रुपये में किया था, जिसमें से 25000 रुपये उसे पहले ही मिल चुके थे। लेकिन जैसे ही यह बात सामने आई, महिला घर से गायब हो गई और उसका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है।

स्थानीय आशाकर्मी को महिला ने खुद बताया कि उसने बच्चे को किसी और को दे दिया है। महिला ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह गरीबी और आर्थिक तंगी से परेशान थी इसी कारण उसने यह कदम उठाया। 

जानें पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, महिला पहले कोइड़ा मैटरनिटी वेटिंग होम में भर्ती थी लेकिन बाद में उसे राउरकेला सरकारी अस्पताल भेजा गया था जहां उसने एक शिशु को जन्म दिया। लेकिन डिलीवरी के सिर्फ दो दिन बाद ही उसने बच्चे को किसी अज्ञात व्यक्ति को 25,000 रुपये में दे दिया। जैसे ही यह मामला सामने आया,  बाल कल्याण विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी महिला के ठिकाने और बच्चे के मौजूदा ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि उसने किस व्यक्ति या परिवार को बच्चा दिया और सौदे में और कौन-कौन शामिल था।

पति का हो चुका है निधन

आंगनबाड़ी दीदी शकुंतला दास ने कहा,"महिला के पति का देहांत हो गया है और उसके चार बच्चे पहले से ही हैं। महिला ने हमारे पास गर्भवती होने की सूचना दी थी और हमने उनका रजिस्ट्रेशन भी किया था। सही तरीके से टीके भी दिए गए थे। उसके बाद महिला अपने ठिकाने बदलती रही। कभी कोईडा तो कभी रेंगलबेड़ा,हमें हर बार अलग-अलग जगहों पर उसके होने की सूचना मिली। उसके बाद आशा दीदी ने माँ गृह में उसके रहने का इंतजाम कर दिया था। माँ गृह से उसे राउरकेला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहां उसने एक शिशु को जन्म दिया। मुझे पता चला कि महिला ने अपने नवजात शिशु को बेच दिया है।"

महिला की आर्थिक स्थिति कथित तौर पर बहुत कमजोर थी और वह अपने बच्चों का खर्च नहीं उठा पा रही थी। इसी वजह से उसने यह गलत कदम उठाया, लेकिन अब पूरा प्रशासन मामले की तह तक जाने में जुटा है।

बाल संरक्षण अधिकारी ने क्या कहा?

बाल संरक्षण अधिकारी अनीता साहू ने कहा,"यह एक निंदनीय अपराध है।  जिस मां ने शिशु को बेचा है,उसके ऊपर तो कार्रवाई होगी ही पर इसके साथ हम यह भी पता लगाएंगे कि अभी शिशु कहां और किस हालत में है। इस काम में आंगनबाड़ी कर्मी, आशाकर्मी और सुपरवाइजर मदद करेंगे। पुलिस भी इस काम में मदद करेगी। हम आशा कर रहे हैं कि जल्द ही शिशु का पता लगा लिया जाएगा। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इस प्रकार का कृत्य अगली बार न हो जिसके लिए आंगनबाड़ी कर्मी लोगों के बीच जागरूकता फैलाएंगे।"

यह घटना न केवल एक मां की मजबूरी की कहानी बताती है, बल्कि समाज के उस दर्दनाक पहलू को भी उजागर करती है जहां गरीबी और असहायता एक मां को अपने बच्चे से अलग होने पर मजबूर कर देती है।

(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

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