1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली में प्रोटेस्ट को लेकर अलर्ट! CAPF की तैनाती बढ़ाने की मांग, दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी

दिल्ली में प्रोटेस्ट को लेकर अलर्ट! CAPF की तैनाती बढ़ाने की मांग, दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी

राजधानी में संभावित प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह 20 अक्टूबर तक केंद्रीय बलों की तैनाती को बढ़ा दे। इस संबंध ने दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है।

Delhi CAPF- India TV Hindi
Image Source : PTI दिल्ली में तैनात सीएपीएफ

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हो रहे प्रदर्शनों के चलते दिल्ली पुलिस ने 20 अक्टूबर तक सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की तैनाती बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की ओर से गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेजी गई है। इस चिट्ठी में CAPF की 273 कंपनियों की तैनाती 12 अक्टूबर की समयसीमा के बाद भी जारी रखने की अनुमति मांगी गई है। 10 अक्तूबर को सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में बड़े पैमाने पर CAPF को तैनात किया गया था।

301 कंपनियों को तैनात करने की मंजूरी 

दरअसल, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर गृह मंत्रालय की ओर से CAPF की कुल 301 कंपनियों को तैनात करने की मंजूरी मिली थी। 6 अक्टूबर को 221 और 8 अक्टूबर को 80 कंपनियों को तैनात करने की मंजूरी दी गई थी। यह मंजूरी 10 अक्तूबर तक ही थी। 80 अतिरिक्त कंपनियों में से 28 कंपनियां 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट नहीं कर पाई थीं। अब CJP और अन्य संगठनों के संभावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त समय तक CAPF की तैनाती रखने की मांग की है।

मंत्रियों के दफ्तर-आवास पर भी प्रदर्शन की आशंका

जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के संभावित निशाने पर जंतर-मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे स्थान हो सकते हैं। इसे लेकर दिल्ली पुलिस काफी अलर्ट है। गृह मंत्रालय को भेजी गई चिट्ठी में मंत्रियों के कार्यालयों और आवासों के बाहर भी प्रदर्शन की आशंका जताई गई है। दिल्ली पुलिस ने भीम आर्मी, छात्र संगठनों और अन्य राजनीतिक संगठनों के प्रदर्शन की आशंका का भी जिक्र किया है। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए CAPF की तैनाती बढ़ाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट मार्च के चलते ट्रैफिक पर असर

बता दें कि कल भी इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च के चलते मध्य दिल्ली की कई सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। मध्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कारों, बसों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई वाहन चालकों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वे घंटों जाम में फंसे रहे। वहीं, मंडी हाउस, तिलक मार्ग, कॉपरनिकस मार्ग और इंडिया गेट के सी-हेक्सागन के पास भी वाहनों की कतारें देखी गईं। इन इलाकों में बैरिकेड और पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच यातायात धीमी गति से चलता रहा।

मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति रही। इनमें मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, मथुरा रोड, फिरोजशाह रोड, केजी मार्ग, अशोक रोड, भगवान दास रोड, तिलक मार्ग, कॉपरनिकस मार्ग, इंडिया गेट सी-हेक्सागन, रानी झांसी रोड, देशबंधु गुप्ता रोड, कनॉट प्लेस, मिंटो रोड, आसफ अली रोड, अकबर रोड, आईटीओ और इंद्रप्रस्थ मार्ग शामिल हैं। दिल्ली मेट्रो ने सोमवार को एहतियातन 6 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी थी। विपक्षी दलों ने भारी पुलिस तैनाती के बीच सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इससे पहले 10 अक्तूबर को सीजेपी प्रदर्शन को लेकर भी कई ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई थी।  कई मेट्रो स्टेशन को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था। जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू कर दी गई थी। जो भी वहां पहुंचने की कोशिश कर रहा था, सुरक्षाकर्मी उसे हिरासत में ले रहे थे।

ये भी पढ़ें:
'ज्ञानेश कुमार को प्रोटेक्ट कर रही है सरकार, हम नहीं रुकने वाले', सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले बोले राहुल गांधी