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DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर दिल्ली HC सख्त, जीत के जुलूस पर लगाई रोक

DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट ने जीत के जुलूस पर रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस से पूछा गया कि भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद कैसे हिंसा हुई।

DUSU victory procession ban- India TV Hindi
Image Source : PTI/ANI दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन चुनाव में जीत के बाद जुलूस पर रोक।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन यानी DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए जीत के जुलूसों पर रोक लगा दी है। दरअसल, DU के नॉर्थ कैंपस में DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा का मामला सामने आया था। इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।

भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद कैसे हुई हिंसा?

सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद ऐसी घटनाएं कैसे हुईं? हाईकोर्ट ने DCP नॉर्थ से ये भी पूछा कि बिना नंबर प्लेट और बिना उम्मीदवारों के नाम वाली गाड़ियों को दिल्ली की सड़कों और नॉर्थ कैंपस के अंदर और आसपास कैसे आने दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आप तस्वीरों को नकार नहीं सकते हैं। 10-20 गाड़ियों का बड़ा काफिला था। इसकी इजाजत कैसे दी गई? अगर आप कहते हैं कि आपने पर्याप्त बल तैनात किया था, तो इसकी अनुमति कैसे दी गई?

उम्मीदवार कैसे गाड़ियों की छतों और बोनट पर खड़े हुए?

हाईकोर्ट ने पूछा कि इन काफिलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए, जिनसे डर, दहशत और दबदबे का माहौल बनता है। इस पर DCP नॉर्थ ने कहा कि पुलिस लगातार गाड़ियों की जांच कर रही है। हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि उम्मीदवार, गाड़ियों की छतों और बोनट पर खड़े हैं। यह किस तरह की गुंडागर्दी है?

हिंसा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

इससे पहले गुरुवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनाव से पहले हुई हिंसा की घटना पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी और इसे लेकर यूनिवर्सिटी, दिल्ली पुलिस और सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट ने वॉर्निंग दी थी कि यदि किए गए एक्शन से वह संतुष्ट नहीं हुआ, तो वोटों की काउंटिंग और रिजल्ट की घोषणा पर रोक लगा दी जाएगी।

सुनवाई के दोरान याचिकाकर्ता ने क्या कहा था?

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और एडवोकेट प्रशांत मनचंदा ने कहा कि कोर्ट ने इस इलेक्शन को देखते हुए साल 2025 में ही कुछ निर्देश जारी किए थे। इस अर्जी के लंबित होने के बावजूद, बीते बुधवार को कुछ कैंडिडे्स के साथ मिलकर उपद्रवियों ने पूरे DU कैंपस के इलाके पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान, मारपीट भी हुई थी। उपद्रवियों के पास बंदूकें और पेचकस थे।

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