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दिल्ली के LG सरदार टी एस संधु ने नवजीवन विहार के ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल की सराहना की

दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधु ने नवजीवन विहार के 'जीरो वेस्ट कॉलोनी' मॉडल की समीक्षा की और इसकी जमकर तारीफ की।

Delhi LG- India TV Hindi
Image Source : DELHI LG/X उपराज्यपाल ने की समीक्षा

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधु आज नवजीवन विहार के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने'जीरो वेस्ट कॉलोनी' मॉडल की समीक्षा की और कॉलोनी के रिड्यूस-रीयूज-रीसाइकल (RRR) सेंटर, विकेंद्रीकृत एरोबिक कंपोस्टिंग यूनिट्स, सख्त सोर्स-सेग्रिगेशन व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर लगाए गए वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तार से निरीक्षण किया। 

LG ने MCD को दिए निर्देश

उपराज्यपाल ने इसे दिल्ली की सर्वश्रेष्ठ प्रैक्टिस में से एक बताया और सामुदायिक स्तर पर संचालित इस उत्कृष्ट पहल की सराहना भी की और इसे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को निर्देश दिया कि अन्य रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs) को भी इस स्वावलंबी मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और उन्हें इसका समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने MCD को निर्देश दिया कि वह कम विकसित कॉलोनियों में ऐसे विकेंद्रीकृत जीरो-वेस्ट और कंपोस्टिंग प्रोजेक्ट्स को दोहराने के लिए समर्पित फंडिंग व्यवस्थाओं का पता लगाएं और ये भी निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में एरोबिन्स और RRR सेंटर्स जैसी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंडिंग का व्यवस्थित रूप से उपयोग किया जाए।

LG ने दिल्लीभर की RWA से की अपील

उपराज्यपाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी एजेंसियां ​​लोगों की सक्रिय भागीदारी और नागरिकों में ज़िम्मेदारी की गहरी भावना के बिना कचरे का टिकाऊ प्रबंधन नहीं कर सकतीं। इसलिए टीम भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कचरे से धन बनाने का सफर घर से ही शुरू होता है। यह कहते हुए कि जब हमारे अपने लोगों से ही ऐसे बेहतरीन तरीके सामने आ रहे हैं, तो समाधान के लिए दूसरे शहरों या देशों की ओर देखने की जरूरत नहीं है। LG ने दिल्ली भर की RWA से अपील की कि वे घरों के स्तर पर कचरे को अलग-अलग करने को प्राथमिकता दें।

इस दौरान उपराज्यपाल ने RWA और स्थानीय निवासियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की और इस बात पर संतोष जताया कि इस कॉलोनी ने लगभग आठ वर्षों से इस विकेंद्रीकृत मॉडल को सफलतापूर्वक बनाए रखा है और दिल्ली के अतिभारित लैंडफिल साइट्स से 10 लाख किलोग्राम से अधिक कचरे को सफलतापूर्वक डायवर्ट किया है। उपराज्यपाल ने इस मामले पर ये भी कहा कि RWAs के ऐसे सामूहिक प्रयासों को पूर्ण संस्थागत समर्थन और सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे अपने कानूनी और पर्यावरणीय दायित्वों को समझें, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और मिलकर एक सुरक्षित, समावेशी तथा विश्व स्तरीय विकसित दिल्ली बनाने की दिशा में काम करें।

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