मैनपुरी में एक परिवार ने जिस घर से एक दिन पहले बेटी को हंसी-खुशी विदा किया था, उसी घर में अगले ही दिन मातम पसर गया। कुरावली थाना क्षेत्र के ग्राम देवकली में 40 वर्षीय सुनील की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि खेत के पास लगे बिजली के पोल और नीचे से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में लंबे समय से करंट उतर रहा था, जिसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शादी की खुशियां देखते ही देखते चीख-पुकार में बदल गईं।
21 जून को हुई थी शादी
मृतक की पहचान सुनील पुत्र महेंद्र सिंह निवासी ग्राम देवकली थाना कुरावली के रूप में हुई है। सुनील के परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं। उसकी बेटी साधना की शादी 21 जून को धूमधाम से हुई थी। गांव देवकली में अवागढ़ से बारात आई थी और पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न हुई थी। 22 जून को सुनील ने अपनी बेटी को हंसी-खुशी विदा किया था। परिवार अभी शादी की रस्मों और मेहमानों की विदाई में ही लगा था कि मंगलवार को यह दर्दनाक हादसा हो गया।
खेत में करंट की चपेट में आया सुनील
बताया गया कि मंगलवार को सुनील अपने खेत पर पौध लगाने के लिए गया था। खेत के पास बिजली का पोल खड़ा है, जिसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। आरोप है कि उसी पोल और लाइन की वजह से वहां करंट उतर रहा था। जैसे ही सुनील खेत पर काम कर रहा था, वह अचानक करंट की चपेट में आ गया। उसकी चीख सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे करंट से छुड़ाया और आनन-फानन में इलाज के लिए कुरावली सीएचसी लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सुनील की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में एक दिन पहले बेटी की विदाई हुई थी, वहीं अब मातम पसरा हुआ है। बड़ी संख्या में परिजन और गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में हर कोई इस बात से दुखी है कि जिस पिता ने मेहनत-मजदूरी और खेती करके अपनी बेटी की शादी की, वह उसकी विदाई के अगले ही दिन दुनिया छोड़ गया।
बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप
पड़ोसी विकास राजपूत ने आरोप लगाया कि यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि गांव के लोगों ने कई बार विभाग को बताया था कि हाईटेंशन लाइन काफी नीचे से गुजर रही है और इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग ने लाइन ऊंची कराने या दूसरी जगह से शिफ्ट कराने की जरूरत नहीं समझी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो सुनील की जान बच सकती थी और शादी वाले घर में मातम न पसरता।
रिपोर्टः सलमान मंसूरी
ये भी पढ़ेंः लखनऊ अग्निकांडः गंभीर सवालों के घेरे में LDA, क्यों अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन को कर दिया था निरस्त?
अलीगंज अग्निकांड: अनामिका-नीलेश बनने वाले थे दूल्हा-दुल्हन, एक साथ उठी अर्थी, हादसे की दुखद कहानी