1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली पुलिस का डबल एक्शन, मुठभेड़ के बाद रंगदारीबाज पवन पहलवान गिरफ्तार, साइबर ठगों का गिरोह भी पकड़ा गया

दिल्ली पुलिस का डबल एक्शन, मुठभेड़ के बाद रंगदारीबाज पवन पहलवान गिरफ्तार, साइबर ठगों का गिरोह भी पकड़ा गया

दिल्ली पुलिस को दोहरी कामयाबी मिली है। एक तरफ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद कुख्यात जबरन वसूलीबाज पवन पहलवान को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी तरफ फर्जी आधार-PAN कार्ड बनाने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया।

delhi police- India TV Hindi
Image Source : PTI दिल्ली पुलिस का डबल एक्शन

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। दरअसल दिल्ली के पहाड़गंज और नबी करीम इलाकों में हाल ही में हुई गोलीबारी और रंगदारी के मामलों का मुख्य आरोपी सोमवार की रात पकड़ा लिया गया। सेंट्रल जिला पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद इस आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान पवन पहलवान के रूप में हुई है। एक गुप्त सूचना के तहत पुलिस को आरोपी के छिपे होने की सटीक जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस की टीम उसे पकड़ने के लिए पहुंची थी।

वसूलीबाज पवन पहलवान गिरफ्तार

आरोपी ने पुलिस को देखते ही फायरिंग करना शुरू कर दिया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया और गोली उसके पैर में जा लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पवन पहलवान पहाड़गंज और नबी करीम में हुई गोलीबारी की घटनाओं का मुख्य आरोपी है। वह स्थानीय व्यापारियों में डर पैदा करने के लिए गोलियां चलाता था जिससे वो आसानी से पैसा वसूल कर सके। पुलिस ने बताया कि उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।

फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश

इसी बीच दिल्ली पुलिस के हाथ एक ओर बड़ी कामयाबी लगी। दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ (IFSO) यूनिट ने सोमवार को एक अंतरराज्यीय साइबर जालसाजी रैकेट का भी भंडाफोड़ किया। जानकारी अनुसार यह गिरोह एक वेबसाइट के माध्यम से जाली दस्तावेज बनाने और बेचने का काम कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान बिदेशी साव और संतोष कुमार के रूप में हुई है। 

Image Source : ANIसाइबर ठगों का गिरोह पकड़ा गया

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए बिछाया जाल

दरअसल दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वेबसाइट के जरिए पैसों के बदले ऑनलाइन फर्जी सरकारी दस्तावेज सप्लाई किए जा रहे हैं। जब पुलिस ने इसकी जांच शुरू की, तो पता चला कि यह वेबसाइट नकली आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड , निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी चीजें बनाने की सुविधा दे रही थी। इसके बाद पुलिस ने एक मोबाइल नंबर के जरिए वेबसाइट पर एक नकली यूजर अकाउंट बनाया। दस्तावेज बनवाने के लिए डिजिटल वॉलेट रिचार्ज किया। जैसे ही वॉलेट रिचार्ज हुआ उसके बाद वेबसाइट ने कुछ सामान्य जानकारियां लेकर तुरंत एक फर्जी आधार कार्ड बना दिया। इसी सबूत के आधार पर पुलिस ने इस पूरे रैकेट को पकड़ लिया।

यह भी पढ़ें:

दिल्ली के जहांगीरपुरी में तेज रफ्तार का कहर, मर्सिडीज की टक्कर से स्कूटी सवार की मौत