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CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में क्यों लगी इतनी पाबंदियां? पुलिस ने खुद बताया कारण

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में लगी पाबंदियों पर दिल्ली पुलिस ने सफाई जारी की है। पुलिस ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। पुलिस ने कहा है कि जंतर-मंतर पर करीब 1,000 लोगों के जुटने की जगह है। पुलिस ने ये भी बताया कि जुलाई के प्रदर्शन में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

Delhi CJP protest police restrictions- India TV Hindi
Image Source : PTI दिल्ली में प्रदर्शन से पहले पाबंदियां।

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास लगाई गई पाबंदियों को लेकर अपनी सफाई दी है। पुलिस का कहना है कि ये पाबंदियां लोगों की सुरक्षा, भीड़ को काबू में रखने और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाई गई हैं। पुलिस ने साफ किया है कि ये कदम कुछ समय के लिए उठाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त और जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन ने  कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतंत्र का अहम अधिकार है। लेकिन नई दिल्ली में कई बड़े सरकारी दफ्तर और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के कार्यालय हैं। ऐसे में प्रदर्शन के साथ-साथ आम लोगों, दुकानदारों, कर्मचारियों और आने-जाने वालों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

जुलाई के प्रदर्शन का दिया हवाला

पुलिस ने जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि एक दिन के प्रदर्शन की इजाजत दी गई थी, लेकिन प्रदर्शन करीब एक महीने तक चलता रहा। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। बयान में यह भी दावा किया गया है कि प्रदर्शन में आपराधिक मामलों के पुराने रिकॉर्ड वाले 2,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए और हिंसा की घटनाएं हुईं। हालात बिगड़ने पर झड़पें हुईं, जिनमें छात्र भी घायल हुए।पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और वहां से गुजरने वाले आम लोगों की सुरक्षा भी जरूरी है।

जंतर-मंतर की क्षमता करीब 1,000 लोगों की ही

पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर का इलाका सीमित है और वहां एक समय में करीब 1,000 लोगों को ही सुरक्षित तरीके से रखा जा सकता है। ज्यादा भीड़ होने पर लोगों की सुरक्षा, आपात स्थिति में मदद पहुंचाने और भीड़ को संभालने में परेशानी हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की खबरों पर भी चिंता जताई है। पुलिस ने कहा है कि इन घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। बता दें कि सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कई पाबंदियां लगा दी गई हैं।

बिना इजाजत प्रदर्शन करने पर उठाए सवाल

पुलिस ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब उसी जगह फिर से प्रदर्शन करना चाहती है, लेकिन इसके लिए जरूरी इजाजत नहीं ली गई है। पुलिस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने भी सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन के लिए लागू कानूनी नियमों का पालन करने की अहमियत बताई है। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों से कहा है कि वे लोगों को नियमों और बिना इजाजत प्रदर्शन में शामिल होने पर कानून के तहत होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी दें।

शहर का कामकाज भी नहीं रुकना चाहिए

दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी देश का बड़ा आर्थिक केंद्र भी है। इसलिए यह जरूरी है कि प्रदर्शन के दौरान लोगों की आवाजाही, कारोबार और रोजमर्रा के कामकाज पर बेवजह असर न पड़े।पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की पहले से इजाजत लेने से भीड़ की संख्या, जगह और समय की जानकारी मिलती है। इससे ट्रैफिक, सुरक्षा और आपात सेवाओं के लिए पहले से इंतजाम किए जा सकते हैं। पुलिस ने कहा कि फिलहाल लगाई गई पाबंदियां अस्थायी हैं। इनका मकसद भीड़ को काबू में रखना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा करना है। बयान में कहा गया है कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। पुलिस की जिम्मेदारी है कि ऐसा माहौल बनाया जाए, जिसमें लोग सुरक्षित तरीके से प्रदर्शन कर सकें और शहर का कामकाज भी चलता रहे।

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