1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दोस्त की पत्नी से करना चाहता था शादी, 2 लाख रुपये की सुपारी देकर मरवाया; 2 नाबालिग समेत 7 आरोपी पकड़े गए

दोस्त की पत्नी से करना चाहता था शादी, 2 लाख रुपये की सुपारी देकर मरवाया; 2 नाबालिग समेत 7 आरोपी पकड़े गए

मुख्य आरोपी उमेश मौर्य मनीष की पत्नी से शादी करना चाहता था। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दो लाख रुपये की सुपारी देकर मनीष की हत्या की साजिश रची।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS.COM प्रतीकात्मक फोटो

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में 34 वर्षीय मनीष यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि हत्या की साजिश एक ऐसे व्यक्ति ने रची थी, जो मनीष की पत्नी से शादी करना चाहता था। आरोप है कि उसने हत्या को अंजाम देने के लिए दो नाबालिगों को दो लाख रुपये देने का वादा किया था।

पुलिस के मुताबिक, मनीष यादव की 13 अक्टूबर को सोनिया विहार के 4.5 पुश्ता इलाके के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान उमेश मौर्य के रूप में की है। बताया गया है कि मौर्य मनीष और उसकी पत्नी को पहले से जानता था। उसकी अपनी शादीशुदा जिंदगी में तनाव था और तलाक की याचिका अदालत में लंबित थी। पुलिस का दावा है कि मौर्य मनीष की पत्नी से शादी करना चाहता था और इसी वजह से उसने मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जांचकर्ताओं के मुताबिक, मौर्य ने अपने सहयोगी विवेक सिंह के साथ मिलकर कथित तौर पर दो नाबालिगों को हत्या के लिए तैयार किया। मामले में आनंद, नितिन उर्फ ​​नरेंद्र और भीम सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।

गोली मारकर की गई हत्या

पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की रात करीब 9:10 बजे सोनिया विहार थाने में पीसीआर कॉल मिली कि 4.5 पुश्ता इलाके में एक व्यक्ति को गोली मार दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि मनीष को सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में विवेक सिंह ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार दो लोगों ने मनीष के सिर में बेहद करीब से गोली मारी थी। हालांकि, जांच के दौरान उसके बयान में विसंगतियां मिलने पर पुलिस ने उसकी भूमिका की भी पड़ताल शुरू की। पुलिस का आरोप है कि गोलीबारी से कुछ समय पहले उमेश मौर्य ने मनीष को घटनास्थल पर बुलाया था। इसके बाद जांच में मौर्य, विवेक सिंह, आनंद और उनके सहयोगियों के बीच कथित साजिश का पता चला।

पहले भी की गई थी हत्या की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना को 10 अक्टूबर को भी अंजाम देने की कोशिश की गई थी। उस दिन मौर्य मनीष को रोहिणी से सोनिया विहार लाने गया था, जबकि एक नाबालिग 4.5 पुश्ता इलाके के पास इंतजार कर रहा था। हालांकि, मनीष ने घर लौटने से इनकार कर दिया और योजना सफल नहीं हो सकी। 13 अक्टूबर को मौर्य ने दोबारा मनीष से संपर्क किया और उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, उस समय मनीष अपनी बहन की परीक्षा के सिलसिले में नोएडा गया हुआ था। आरोप है कि मौर्य, विवेक और आनंद 4.5 पुश्ता इलाके के पास इंतजार कर रहे थे, जबकि दोनों नाबालिग बाइक पर आस-पास मौजूद थे। आनंद को मनीष के पहुंचने पर कथित हमलावरों को संकेत देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

100 रुपये यूपीआई से भेजकर बुलाया बाहर

पुलिस के अनुसार, मनीष को घर से बाहर बुलाने के लिए मौर्य ने उससे एक हजार रुपये लौटाने को कहा। इसके लिए उसने मनीष को यूपीआई के जरिए 100 रुपये भेजे और शेष रकम नकद लौटाने को कहा। पुलिस का आरोप है कि जब मनीष पैसे लौटाने के लिए घर से बाहर आया, तभी दोनों नाबालिगों ने उसके सिर के पास कनपटी पर गोली मार दी। गोली लगने के बाद मौर्य ने कथित तौर पर मनीष को उसके घर की ओर ले जाने में मदद की। इसके बाद पड़ोसी उसे अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद बाइक को यमुना खादर के रिज इलाके में छोड़ दिया गया और हथियार कथित तौर पर विवेक सिंह को वापस सौंप दिया गया।

हथियार और बाइक बरामद

पुलिस ने बताया कि कथित हथियार सप्लायर भीम सिंह को भी हिरासत में लिया गया है। उसने दावा किया कि पिस्तौल उसके दिवंगत भाई की थी। जांच के दौरान विवेक सिंह की ओर से एक नाबालिग को किए गए कई यूपीआई लेन-देन भी सामने आए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। आरोपियों के कब्जे से एक अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

अलग-अलग पेशों से जुड़े हैं आरोपी

पुलिस के अनुसार, विवेक सिंह के पास कानून की डिग्री है और वह खुद को अधिवक्ता बताता है। वह पुजारी और उपचारक के रूप में भी धार्मिक अनुष्ठान करता है। मुख्य आरोपी उमेश मौर्य एक निजी वेंडर के माध्यम से सामान विभाग में सुपरवाइजर के तौर पर काम करता है। वह पहले पिज्जा डिलीवरी एग्जीक्यूटिव भी रह चुका है। आनंद 10वीं कक्षा तक पढ़ा है और पहले फूड डिलीवरी का काम करता था। वह पिछले करीब पांच महीने से विवेक सिंह के साथ काम कर रहा था। भीम सिंह कमला नगर स्थित एक निजी जिम में क्लीनर है, जबकि नितिन शिक्षा विभाग में संविदा पर डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है। पुलिस का आरोप है कि नितिन ने भीम सिंह और विवेक सिंह के बीच मुलाकात कराने में मदद की और भीम सिंह की ओर से पैसे भी प्राप्त किए। पुलिस मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

(भाषा- PTI)

ये भी पढ़ें-

ग्वालियर हादसे पर CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP रवि भदौरिया को हटाया, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल हादसे के घायलों से मिले अमित शाह, पूजा समिति के सचिव-उपाध्यक्ष समेत 7 गिरफ्तार