नई दिल्ली: दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में अशांति और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सिरसा के मुताबिक, कांग्रेस बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनकी विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास करती है। कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिखों को जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
1 नवंबर की तारीख पर क्यों जताई आपत्ति?
सिरसा ने कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन की तारीख पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1 नवंबर सिख समुदाय के लिए गहरे दर्द से जुड़ी है। इसी दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की यादें ताजा होती हैं। इन दंगों में दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में हजारों सिखों की हत्या हुई थी और अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया था। सिरसा ने कहा कि 1984 के दंगों से प्रभावित परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
'सिख समुदाय 1 नवंबर 1984 के दर्द को नहीं भूला है। हम पीड़ितों के दुख का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करते हैं।'
कांग्रेस और राहुल की राजनीति पर उठाए सवाल
एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सिरसा ने कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति को चिंता का विषय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस के पुराने नेतृत्व की तरह ही राजनीति करते दिखाई दे रहे हैं। सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति देश में अशांति पैदा करने की आशंका बढ़ाती है। उन्होंने कहा,
'राहुल गांधी जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, उससे देश में अशांति पैदा करने को लेकर गंभीर चिंताएं उठती हैं। भारत के लोग ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे, जो लोगों को उकसाए और समाज को बांटे।'
सिरसा ने टाइटलर और कमलनाथ का किया जिक्र
सिरसा ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस के कई नेताओं की कथित भूमिका को लेकर वर्षों से सार्वजनिक चर्चा होती रही है। इस बारे में उन्होंने जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार और कमलनाथ से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों को अब तक न्याय की उम्मीद है। सिरसा ने कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन की तारीख को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि सिख समुदाय की पीड़ा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी के विदेश दौरों पर भी सवाल
सिरसा ने राहुल गांधी के विदेश दौरों और विदेशी संगठनों के साथ उनकी मुलाकातों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस से जनता को यह बताने को कहा कि राहुल गांधी विदेश में किन लोगों और संगठनों से मिलते हैं और इन बैठकों का उद्देश्य क्या होता है। उन्होंने सवाल किया,
'राहुल गांधी कब तक फर्जी Gen-Z के भरोसे अपनी राजनीति चलाते रहेंगे?'
सिरसा ने कहा कि युवाओं को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए और न ही उनका राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए।
युवाओं की ऊर्जा देश के विकास में लगाने की अपील
सिरसा ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास और सकारात्मक बदलाव के लिए किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, युवाओं को अशांति फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के लोग लोकतंत्र, शांति और सामाजिक सद्भाव में विश्वास रखते हैं। सिरसा ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों और उकसावे में न आएं तथा देश की एकता और अखंडता की रक्षा करें। बता दें कि इससे पहले भी सिरसा गांधी परिवार पर हमला बोलते रहे हैं और एक बार तो 'गद्दार' तक कह चुके हैं। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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