भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने कहा कि विजयादशमी का त्योहार धर्म, आस्था और सत्य की जीत का प्रतीक है। सत्य के मार्ग पर चलें और अपने स्वधर्म को पहचानें। राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सबसे बड़ा कर्तव्य है। इसी समर्पण भाव के साथ अपने समाज की रक्षा करें और उसे संवारें। सभी से मेरी यही विनम्र प्रार्थना है।
वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने कहा, "महिलाओं के प्रति राहुल गांधी का रवैया इस बात से स्पष्ट झलकता है कि उन्होंने वर्दी पहने एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ किस तरह का दुर्व्यवहार किया। अगर वह बार-बार ऐसी ओछी बातें करते हैं, तो आप महिलाओं से इस पर टिप्पणी क्यों मांगते हैं?"
ऐसे व्यक्ति को किनारे किया जाए- स्मृति ईरानी
उन्होंने आगे कहा, "हमारी एक सामाजिक जिम्मेदारी है, अगर राहुल गांधी महिलाओं के प्रति इतनी दकियानूसी सोच रखते हैं, तो यह हमारा कर्तव्य है कि ऐसे व्यक्ति को किनारे किया जाए। हमारे समाज में महिलाएं सशक्त हैं- चाहे वे BJP की सदस्य हों या RSS की स्वयंसेविकाएं और असल में, जब ऐसी ओछी और घटिया बातें कही जाती हैं, तो यह हर क्षेत्र की महिलाओं का अपमान है। ऐसा लगता है कि विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की सस्ती बयानबाजी का सहारा लेते हैं।"
दरअसल, राहुल गांधी ने बीत दिन 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि आरएसएस पुरुषों का एक ऐसा ग्रुप है, जो संविधान के खिलाफ है और मानता है कि औरतें पुरुषों की प्रॉपर्टी है। राहुल गांधी का आरएसएस पर दिया ये बयान ऐसे समय आया, जब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने वार्षिक विजयादशमी उत्सव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते।
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि केवल रिजीम चेंज से परिस्थितियां नहीं बदलतीं। पहले भी ऐसा नहीं हुआ और आज भी ऐसा नहीं हो रहा है। मोहन भागवत के मुताबिक, सत्ता परिवर्तन के बावजूद अपने स्वार्थों को पूरा करने वाली ताकतें और उनके समर्थक अलग-अलग जगहों पर प्रभावी बने रहते हैं। मोहन भागवत ने आरोप लगाया कि दुनिया में कुछ ताकतें अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए काम करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत का मजबूत होना ऐसी गतिविधियों के लिए चुनौती बन सकता है। इसी वजह से भारत को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत, हिंदू समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कमजोर करने और तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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