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अरविंद केजरीवाल समेत परिवार के 5 सदस्यों को SIR नोटिस, क्या कट जाएगा वोटर लिस्ट से नाम?

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल बेटे पुलकित केजरीवाल तथा माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल और गीता देवी के नाम SIR का नोटिस जारी हुआ है।

Arvind Kejriwal- India TV Hindi
Image Source : PTI अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रही रही है। दिल्ली में चले रहे वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) केजरीवाल  समेत उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी दफ्तर की ओर से जारी नोटिस में केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल बेटे पुलकित केजरीवाल तथा माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल और गीता देवी के नाम शामिल हैं।

 SIR की मतदाता सूची से मैप नहीं हो सका नाम

ये सभी नोटिस 'Unmapped with Last SIR' श्रेणी के तहत जारी किए गए हैं। यानी संबंधित मतदाताओं का विवरण पिछली SIR की मतदाता सूची से मैप नहीं हो सका है। डिजिटल मैपिंग के दौरान जब लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी सामने आई तो चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कह दिया है कि बिना कागजों के बात नहीं बनेगी। अब ऐसे में इस सवाल का उठना लाजिमी है कि क्या अरविंद केजरीवाल का नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा? 

31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

दरअसल,  दिल्ली में चले रहे वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 97,53,577 वोटर दर्ज किए गए। इनमें 49,88,993 पुरिष, 47,64,137 महिला और 447 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर किए गए वेरिफिकेशन के बाद कुल 47,56,722 मतदाताओं को एएसडीडीयू श्रेणी में रखा गया है। इनमें स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित 43,32,775, मृतक 2,82,412 और एक से अधिक जगहों पर दर्ज या डुप्लीकेट वोटर 1,41,535 पाए गए हैं।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन वोटरों का पिछली लिस्ट से मिलान नहीं हो सका है  या जिनकी लिंकिंग में तार्किक विसंगतियां पाई गई उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत दिल्ली में कुल 31,63,930 नोटिस तैयार करके बांटे जा रहे हैं। इनका निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। इसी प्रक्रिया के तहत जब पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम नोटिस की लिस्ट में सामने आया है।

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक इस लिस्ट से छूटे नहीं। जिन वोटरों की लिस्ट में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया है। अगर किसी पात्र नागरिक का नाम लिस्ट में नहीं है तो वह 30 सितंबर तोक फॉर्म-6 के जरिए दावा पेश कर सकता है। इसके लिए विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं। अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

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