जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों का आंदोलन एक नए और तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। कल यानी 26 अक्टूबर को यह खबर सामने आई थी कि प्रशासन द्वारा छात्रों की मुख्य मांगें मान लिए जाने के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कैंपस में आज भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होंगी और उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक उनका यह संघर्ष नहीं थमेगा। स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम उठाते हुए कक्षाओं को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया।
जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन जारी
बीते दिन प्रशासन द्वारा छात्रों के साथ सुलह होने के दावों को प्रदर्शनकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इस बीच आंदोलन को और धार देते हुए एसएफआई (SFI) और जामिया के छात्र कार्यकर्ता अबूजर ने भी छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगे लिखित और पारदर्शी रूप से पूरी नहीं होतीं, तब तक यह प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
प्रशासन के दावों पर छात्रों का पलटवार
प्रशासन का दावा था कि छात्रों ने मानहानिकारक बयानों पर माफी मांगने और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर सहमति जताई है, जिसे छात्रों ने पूरी तरह झूठा करार दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव कराने या संविधान को मंजूरी देने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है। इसके साथ ही छात्रों ने प्रॉक्टर और सिक्योरिटी एडवाइजर के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कड़ा रुख और अल्टीमेटम
परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अगले आदेश तक सभी कोर्सों की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में कराने का निर्णय लिया है। साथ ही प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को नॉर्थ कैंपस की गुलिस्तान-ए-गालिब बिल्डिंग और गालिब लॉन को तुरंत खाली करने की आखिरी चेतावनी दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि तय समय तक आदेश का पालन नहीं किया गया तो छात्रों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जामिया में भूख कर रहे छात्र से बातचीत
जामिया में फिर से 5 छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे पहलें हड़ताल पर बैठे दो छात्रों को अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद भूख हड़ताल करने वाले छात्रों की संख्या तीन रह गई थी लेकिन अब दो और छात्रों ने कल से भूख हड़ताल ज्वाइन की है। 2 दिनों से भूख हड़ताल शुरु करने वाले छात्रों में ऋतिक भी हैं। रितिक का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों का है और इस लड़ाई को छात्र आखिर तक लड़ेंगे। रितिक ने कहा कि मेरे अलावा चार और छात्र भूख हड़ताल पर है जिनमें एक छात्र 16 दिनों से तो दूसरे छात्र 6 और 8 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हमारी डिमांड बिल्कुल सीधी है जामिया एडमिनिस्ट्रेशन एक तारीख तय कर दे किस तारीख तक चुनाव हो जाएंगे हम अपना आंदोलन वापस ले लेंगे।
जामिया की दीवारों पर लिखा आपत्तिजनक नारे को लेकर भी रितिक ने अपनी बात रखी और कहा कि हम इस तरह के तारों का समर्थन नहीं करते और ना ही कोई जामिया का छात्र समर्थन करता है। उनकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। कश्मीर हमेशा से भारत का था, है और रहेगा इन नारों के पीछे आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है।
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