1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. जामिया प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग, यूनिवर्सिटी में जल्द होंगे छात्रसंघ चुनाव; सस्पेंशन और नोटिस भी वापस

जामिया प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग, यूनिवर्सिटी में जल्द होंगे छात्रसंघ चुनाव; सस्पेंशन और नोटिस भी वापस

 Reported By: Shoaib Raza,  Written By: India TV Delhi Bureau Desk,  Kumar Sonu
 Published : Oct 26, 2026 09:45 am IST,  Updated : Oct 26, 2026 09:48 am IST

जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें मानते हुए सस्पेंशन रद्द किए और छात्र संघ चुनाव कराने का फैसला लिया है।

जामिया प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग- India TV Hindi
जामिया प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग Image Source : PTI/REPORTER INPUT

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) यूनिवर्सिटी प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद परिसर में चल रही भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन को पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान कर दिया गया है। इस समझौते के बाद कुलसचिव की ओर से एक आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है, जिससे पूरे परिसर में राहत की सांस ली जा रही है।

कुलसचिव द्वारा जारी आदेश की मुख्य बातें:

जामिया के कुलसचिव प्रो. मो. मेहताब आलम रिजवी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं:

  1. छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ: जामिया छात्र संघ के संविधान को औपचारिक रूप से मंजूरी मिलने के ठीक 15 दिन बाद यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे।
  2. सस्पेंशन और नोटिस रद्द: हालिया आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों को सस्पेंड किया गया था या जिन्हें शो-कॉज नोटिस दिए गए थे, उन सभी को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरी तरह से रद्द कर दिया है।
  3. सुरक्षा स्टाफ की होगी जांच: विरोध प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा।

जामिया प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग
Image Source : REPORTER INPUTजामिया प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग

छात्रों को क्या करना होगा?

यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ हुए इस समझौते और डिमांड लेटर के अनुसार, मांगें माने जाने के बदले छात्रों को भी कुछ शर्तों का पालन करना होगा:

  1. छात्र प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ दिए गए किसी भी मानहानिकारक बयान या पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे।
  2. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से प्रशासन के खिलाफ किए गए ऐसे सभी आपत्तिजनक पोस्ट तुरंत हटाए जाएंगे।
  3. इस आदेश के जारी होते ही भूख हड़ताल और सभी विरोध प्रदर्शनों को तुरंत प्रभाव से समाप्त माना जाएगा।

इस समझौते और शर्तों पर भूख हड़ताल करने वाले छात्रों और उनके डेलिगेट्स के हस्ताक्षर 26 अक्टूबर 2026 की सुबह दर्ज किए गए हैं। इस फैसले के बाद से जामिया परिसर में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है और छात्रों में खुशी का माहौल है।

यह भी पढ़ें:

JNU में परिसर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश, दीवारों पर “FREE UMAR KHALID” और "LONG LIVE NAXALBARI" लिखा गया

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।