नई दिल्ली: दिल्ली के हर्ष विहार में निर्माणाधीन मकान गिर गया है। मौके पर फायर की 4 गाड़ियां मौजूद हैं और दिल्ली पुलिस मौजूद है। मिली जानकारी के मुताबिक, पुराने मकान के ऊपर दूसरा मकान बनाया जा रहा था, तभी अचानक दोनों छत गिरीं। फायर विभाग को 6:40 मिनट पर घटना की कॉल मिली।
एडिशनल DCP संदीप लांबा का सामने आया बयान
इस घटना पर एडिशनल DCP संदीप लांबा का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया, "हमें दोपहर में एक कॉल मिली कि एक इमारत गिर गई है। यह एक पुरानी, एक-मंजिला इमारत थी, जिसके ऊपर एक और मंजिल बनाई जा रही थी। यह इलाका चारों तरफ से घिरा हुआ है, इसलिए यह पहचानना भी मुश्किल हो रहा है कि असल में कौन सी इमारत गिरी है।"
अधिकारी ने बताया, "बचाव दल काम कर रहे हैं और NDRF की टीम पहुंच गई है, और उनके साथ स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस के जवान भी मौजूद हैं। स्थानीय लोगों समेत सभी लोग मिलकर काम कर रहे हैं और मलबे को हटा रहे हैं।"
लांबा ने बताया, "NDRF अपनी डॉग स्क्वॉड और अन्य संसाधनों के साथ आ गई है। अभी तक किसी को भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका है, लेकिन अभी तक कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।"
कपिल मिश्रा बोले- "मलबे के नीचे 2 लोग फंसे हो सकते हैं"
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलान गार्डन पहुंचे, जहां एक इमारत ढह गई है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, "दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर काम कर रही हैं। माना जा रहा है कि मलबे के नीचे दो लोग फंसे हो सकते हैं, हालांकि अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। उन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं। सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हैं। यह निश्चित रूप से एक दुखद घटना है, और इसके कारणों की जांच जरूर की जाएगी।"
कपिल मिश्रा ने कहा, "पहली नजर में ऐसा लगता है कि एक नया लिंटेर (छत का बीम) लगाने की कोशिश की जा रही थी; वह ढह गया, जिससे नीचे की मंजिल भी गिर गई और दो लोग—बताया जा रहा है कि एक पिता और उनका बेटा—मलबे में फंस गए। सीमापुरी, सीलमपुर, मुस्तफाबाद और बाबरपुर में हुई ऐसी घटनाओं के कारण सबको पता हैं, और उन जगहों का निरीक्षण भी किया गया है। हमने उन जगहों का दौरा भी किया है, और यह साफ है कि ऐसी घटनाएं अवैध निर्माण का सीधा नतीजा हैं।"
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद का सामने आया बयान
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, "सरकार इस आपदा से प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है। हमारी पूरी पार्टी और पार्टी के सभी पदाधिकारी उनके साथ हैं। राहत कार्यों के लिए सभी एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है। इसके लिए जो भी दोषी है - चाहे वह नगर निगम हो या दिल्ली सरकार - उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे... सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ है। इसे रोकने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। नगर निगम को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, जो लोग कानून तोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
बीते दिनों दिल्ली के सीमापुरी में गिरी थी बिल्डिंग
दिल्ली में बिल्डिंग गिरने का ये पहला मामला नहीं है। बीते कुछ समय से दिल्ली में लगातार बिल्डिंगें गिरने के मामले सामने आए हैं और इसमें लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है।
इसी महीने की 7 अक्टूबर को खबर सामने आई थी कि दिल्ली के सीमापुरी में भी बिल्डिंग गिरी। इस घटना में एक गर्भवती महिला और एक बच्चे समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी और 8 लोग घायल हो गए थे।
हाल ही में दिल्ली के सत्य निकेतन में भी हादसा हुआ था और पांच मंजिला इमारत गिरी थी। इस घटना में भी 7 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। ऐसी तमाम घटनाएं दिल्ली में घट चुकी हैं लेकिन अभी तक उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं। इससे पहले दक्षिणी दिल्ली के साकेत इलाके में 30 मई को कोचिंग सेंटर, कैफे और कार्यालयों वाली एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत गिर गई थी, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी।
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