1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर हाईकोर्ट सख्त, एमसीडी और दिल्ली सरकार को नोटिस, कहा-जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर हाईकोर्ट सख्त, एमसीडी और दिल्ली सरकार को नोटिस, कहा-जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते

 Reported By: Atul Bhatia,  Gonika Arora,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 07, 2026 04:07 pm IST,  Updated : Sep 07, 2026 05:15 pm IST

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती।

delhi building collapse, rescue operation- India TV Hindi
दिल्ली बिल्डिंग हादसे के बाद जारी रेस्क्यू ऑपरेशन Image Source : PTI

Highlights

  • 50 छात्रों की जान दांव पर लगी है-दिल्ली हाईकोर्ट
  • इससे ज़्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता-दिल्ली हाईकोर्ट
  • हाईकोर्ट ने बिल्डिंग हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए एमसीडी और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि आप जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। हाईकोर्ट ने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। अदालत ने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि मलबे में फंसी जिंदगियों को जल्द से जल्द बचाया जा सके।

ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? 

हाईकोर्ट ने कहा कि 50 छात्रों की जान दांव पर लगी है। कुछ छात्र अभी-भी मलबे के नीचे दबे हैं। इससे ज़्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता। आप ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि लोगों की जान बचाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन को बढ़ाने और हर संभव तरीके से जीवन बचाने पर जोर दिया।

पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर चिंता

दिल्ली हाईकोर्ट ने पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि किसी इमारत के गिरने जैसी घटना के लिए सिर्फ उसका मालिक जिम्मेदार नहीं है, बल्कि संबंधित सरकारी विभाग भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर सरकारी अधिकारियों को कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों की सही जानकारी होती और वे उन्हें समय पर निभाते, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।

हाईकोर्ट ने कहा कि जिस इमारत के गिरने की घटना सामने आई है, उसमें कई छात्र रहते थे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की है जो दिल्ली से बाहर के रहने वाले हैं। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल की संख्या कम होने के कारण कई छात्रों को मजबूरी में पीजी में रहना पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंता की बात है। सरकार की तरफ से पर्याप्त हॉस्टल नहीं चलाए जा रहे हैं और पीजी को लेकर भी पर्याप्त नियम और निगरानी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पीजी चलाने वालों को निर्माण के नियमों का पालन करना चाहिए। कई बार दो मंजिल की इजाजत लेकर छह मंजिल तक बना दी जाती हैं, जबकि इमारत की नींव वही रहती है। ऐसी स्थिति में हादसे होना बेहद दुखद है।

एक हफ्ते में पीजी-हॉस्टल का ऑडिट करने का आदेश

हाईकोर्ट ने MCD को निर्देश दिया है कि वह एक हफ्ते के अंदर दिल्ली में चल रहे पीजी और हॉस्टल का ऑडिट करे। MCD को यह भी बताना होगा कि पीजी के लिए कोई नियम या व्यवस्था है या नहीं और कितने छात्र इन पीजी और हॉस्टल में रह रहे हैं। कोर्ट ने DU से भी जानकारी मांगी है कि दिल्ली से बाहर के कितने छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं और उनके लिए कितने हॉस्टल उपलब्ध हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से यह भी पता लगाने को कहा है कि जिन इमारतों में छात्र रह रहे थे, उन्हें जरूरी मंजूरी मिली थी या नहीं। अगर किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी भी जानकारी देनी होगी।

MCD और पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया

सुनवाई के दौरान MCD और दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बचाव अभियान में हर संभव कदम उठाया जा रहा है। कोर्ट ने इस रिकॉर्ड में दर्ज किया और उम्मीद जताई कि बचाव कार्य को और तेज किया जाएगा। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से अलग-अलग जवाब मांगा है। इस मामले में हलफनामा 10 दिन के अंदर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर सिर्फ इमारत मालिकों पर जिम्मेदारी डालकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की जान और सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

हादसे में सात लोगों की मौत, मलबे में कई दबे

बता दें कि रविवार को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मजिला इमारत भरभराकर गिर गई। बताया जाता है कि जिस वक्त यह बिल्डिंग गिरी उसके बेसमेंट में मरम्मत का काम हो रहा था। इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में एक पीजी चलता था जिसमें कई छात्र रहते थे। रविवार होने के चलते अधिकांश छात्र अपने कमरे में ही थे। घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और मलबे से जिंदा लोगों की तलाश की जा रही है।

बिल्डिंग मालिक को हिरासत में लिया

इस बीच बिल्डिंग के मालिक हरिराम को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह बिल्डिंग गिरने के बाद से ही गायब था। पुलिस उसकी तलाश में छापे मार रही थी। हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस अब हरिराम को अदालत में पेश करेगी।

पांच अधिकारियों पर गिरी गाज

वहीं इस मामले में सख्त एक्शन लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। लापरवाही को लेकर एमसीडी साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, साउथ जोन के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह,  एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान, आशीष कुमार जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड किया गया है।

ये भी पढ़ें:

दिल्ली में 'हजारों की वसूली' के बदले मिल रही मौत, देखें PG की इनसाइड LIVE पड़ताल

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।