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इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और मोहिबुल्ला नदवी के खिलाफ केस दर्ज, जामिया मामले में एक्शन

 Reported By: Sanjay Sah,  Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 25, 2026 08:56 pm IST,  Updated : Oct 25, 2026 09:44 pm IST

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से दी गई शिकायत पर ट्रेस पासिंग का केस कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और मोहिबुल्ला नदवी के विरुद्ध दर्ज कर लिया गया है।

जामिया मामले में...- India TV Hindi
जामिया मामले में इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और मोहिबुल्ला नदवी के खिलाफ कार्रवाई। Image Source : ANI (फाइल फोटो)

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के प्रशासन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने ट्रेस पासिंग का मुकदमा दर्ज किया है। ये केस कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्ला नदवी के खिलाफ दर्ज किया गया है। जान लें कि दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पिछले 14 दिनों से स्टूडेंट प्रोटेस्ट कर रहे हैं। वे कैंपस में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की डिमांड को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लेकिन इस बीच जामिया यूनिवर्सिटी से कुछ ऐसी फोटोज सामने आईं, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।

जामिया में किसने लिखे देश विरोधी नारे?

बता दें कि हाल में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर कई भड़काऊ और देश विरोधी नारे लिखे गए थे। किसी नारे में शरजील इमाम की रिहाई की डिमांड की गई तो कहीं कश्मीर को आजाद करने की बात लिखी गई थीं। इसमें RSS और ABVP के विरुद्ध भी कई भड़काऊ स्लोगन लिखे गए थे। यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स का कहना है कि ये किसी बाहरी तत्व का काम है। लेकिन प्रश्न है कि आखिर इतने बड़े पैमाने में किस बाहर वाले ने आकर ये नारे लिखे। कौन है जो भारत में अराजकता और नफरत का माहौल खड़ा करने का प्रयास कर रहा है।

ट्रेस पासिंग क्या होती है?

ट्रेस पासिंग का अर्थ किसी दूसरे व्यक्ति की प्राइवेट प्रॉपर्टी, जमीन या घर में बिना इजाजत के अवैध तौर पर एंट्री करना या दखल देना होता है। इससे पहले, बीते 23 अक्टूबर को इमरान मसूद जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी गए थे और उन्होंने विवादित नारों की निंदा की थी। साथ ही, छात्रों की मांगों का समर्थन भी किया था। हालांकि, तब कैंपस से बाहर निकलते वक्त दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया था और बाद में उन्हें छोड़ दिया था।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के रवैये पर उठाए थे सवाल

इस पूरे मामले पर बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी, कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों की चुप्पी को लेकर सवाल उठा रही है। बीते शनिवार को जामिया मामले पर रिएक्शन देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि जामिया के स्लोगन मामले पर अब तक राहुल गांधी, CJP और अखिलेश यादव की ओर से कोई स्टेटमेंट क्यों नहीं आया। कौन माई का लाल है जो भारत को तोड़ना चाहता है। यह घटना बताती है कि उनकी मानसिकता क्या है। यह वही जामिया मिल्लिया इस्लामिया है जहां शाहीनबाग बना था।

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