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नीझर विधानसभा में सालों से कांग्रेस के साथ रहा है आदिवासी वोटर, इस बार किसे दिलाएगा जीत?

पिछले पांच चुनावों पर नजर डालें तो यहां कांग्रेस लगातार तीन बार जीती है। 1998 में यहां से परेश वसावा पहली बार जीते थे। उसके बाद साल 2002 और 2007 में भी वसावा यहां से कांग्रेस के टिकट पर जीते, लेकिन साल 2012 में कांतिलाल गामित वे बसावा को हराया था।

नीझर विधानसभा में सालों से कांग्रेस के साथ रहा है आदिवासी वोटर- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV नीझर विधानसभा में सालों से कांग्रेस के साथ रहा है आदिवासी वोटर

गुजरात में मतदान दो चरणों में सपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान 1 दिसंबर को होना है और दूसरे चरण का मतदान 5 दिसंबर को होगा। वहीं 8 दिसंबर को मतों की गणना की जाएगी जिसके बाद परिणामों का ऐलान हो जायेगा। वोटिंग से पहले राज्य में सियासी पारा हाई है। सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ अपना-अपना प्रचार करने में जुटे हैं। जनता को लुभाने के लिए सारे हथकंडे अपना रहे  हैं। बात करें राज्य के नीझर विधानसभा सीट की तो यहां पर भी बड़े-बड़े नेताओं का जमावड़ा लगा है। 

पिछली बार कांग्रेस को मिली थी जीत

यह विधानसभा सीट आदिवासी बाहुल्य है। इस सीट में पूर्वी क्षेत्र के आदिवासी वोटर सालों से कांग्रेस के साथ रहे हैं। यहां के आदिवासियों के वोट निर्णायक साबित होते हैं। पिछले चुनाव में गुजरात की नीझर विधानसभा सीट से कांग्रेस के सुनीलभाई रतनजीभाई गामीत जीते थे। उन्हें 1 लाख 6 हजार 234 वोट मिले थे। उन्होंने बीजेपी के कांतिलालभाई रेशमभाई गामित को 23 हजार 129 मतों से हराया था। 

बीजेपी-कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला

पिछले पांच चुनावों पर नजर डालें तो यहां कांग्रेस लगातार तीन बार जीती है। 1998 में यहां से परेश वसावा पहली बार जीते थे। उसके बाद साल 2002 और 2007 में भी वसावा यहां से कांग्रेस के टिकट पर जीते, लेकिन साल 2012 में कांतिलाल गामित वे बसावा को हराया था। इस बार राज्य के चुनावों में आम आदमी पार्टी की एंट्री के बावजूद इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी का सीधा मुकाबला होने की संभावना है।