हिंदू धर्म में होली का त्योहार बहुत महत्व रखता है। देशभर के लोग रंगों के इस त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को ये त्योहार मनाया जाता है। होली का त्योहार वसन्त ऋतु में मनाया जाता है। इसलिए होली में इस्तेमाल होने वाला गुलाल इस महीने के दौरान खिलने वाले पौधों और फूलों से बनाया जाता है। लेकिन, समय के साथ इसमें बदलवा हो गया और अब यही प्राकृतिक रंग केमिकल बेस्ड सिंथेटिक रंगों में बदल गए हैं। नेचुरल रंग बनाने में काफी मेहनत लगती है और ये काफी महंगे भी होते हैं। पर स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। ऐसे में आप इन केमिकल युक्त रंगों की जगह पर नेचुरल रंगों से अपनी होली को स्पेशल और सेफ बना सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे तरीके जिनकी मदद से आप आसनी से घर बैठे हर्बल कलर तैयार कर सकते हैं।
इस तरह से घर बैठे तैयार करें ये 4 हर्बल कलर
चेहरे पर खिलेगा लाल रंग
रंगों के त्योहार होली पर सबके चेहरे लाल-पीले-हरे नजर आते हैं। लाल रंग को खासतौर पर काफी पसंद किया जाता है। घर पर होली का लाल रंग बनाने के लिए आटे में लाल चंदन पाउडर मिला दें। अगर चंदन पाउडर ना हो तो सिंदूर का इस्तेमाल किया जा सकता है। गीला लाल रंग तैयार करने के लिए चुकंदर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। चुकंदर की जगह गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
पीले रंग से आता है निखार
सूखा पीला रंग बनाने के लिए एक कटोरी में हल्दी लें और उसमें बेसन मिला दें। इससे आपके चेहरे का निखार भी बढ़ जाएगा। वहीं, गीला रंग बनाने के लिए हल्दी को पानी में भिगो दें। आप चाहें तो गेंदा फूल भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
फूलों से बनाएं ऑरेंज कलर
ऑरेंज कलर का पाउडर बनाने के लिए टेसू यानी पलाश के फूलों को 2-3 दिनों तक धूप में सुखा लें। फिर सूखी पंखुड़ियों से पाउडर बना लें। अगर गीला रंग तैयार करना हो तो टेसू के फूलों को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रखें। फिर उसे उबालकर रंग तैयार कर लें।
हरे रंग से बढ़ाएं होली का मजा
मेथी या पुदीना की पत्तियों को 2-3 दिन धूप में सुखा लें। फिर उन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। गीला रंग तैयार करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों को उबालकर उनका पेस्ट बना लें।
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