मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘सरबजीत’ में अपने अभिनय के लिए खूब प्रशंसा हासिल कर चुके हैं। फिल्मों में काम करने को लेकर रणदीप का कहना है कि उन्हें उन निर्देशकों के साथ काम करना आसान लगता है जो खुद अभिनेता होते हैं लेकिन उनका मानना है कि उन फिल्म निर्माताओं के साथ काम करना मुश्किल होता है जो खुद भी अभिनय करना चाहते हैं।
इसे भी पढ़े:- रणदीप हुड्डा और सलमान खान में एक जैसी हैं ये चीजे
इस बॉलीवुड हस्ती ने रणदीप को बताया सबसे प्रतिभाशाली हीरो
इस फिल्म को देख अमिताभ भी रणदीप हुड्डा की तारीफ किए बिना न रह सके
रणदीप की अगली फिल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ है जिसका निर्देशन अभिनेता-निर्देशक दीपक तिजोरी ने किया है। रणदीप से यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसे निर्देशकों के साथ काम करने में लाभ मिलता है जो खुद भी अभिनेता हैं, तो इसके के जवाब में उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, “यह अच्छा होता है अगर वह एक अभिनेता हो क्योंकि वह जानता है कि अभिनेता को कैसे काम करना है। मैं हमेशा ऐसे निर्देशकों को पसंद करता हूं जो अभिनेता भी हों। इसमें हमेशा एक लाभ मिलता है।“
हालांकि, रणदीप का मानना है कि इससे एक नुकसान भी है क्योंकि फिल्म निर्माता कभी-कभी खुद के भीतर एक अभिनेता की तलाश करने लगते हैं। उन्होंने कहा, “नुकसान तब होता है जब निर्देशक अभिनेता नहीं होते हैं लेकिन अभिनेता बनना चाहते हैं। यह मुश्किल है। उन्होंने अभिनय नहीं किया होता, लेकिन उनके अंदर अभिनेता होता है।“
रणदीप ने कहा, “आज कोई भी कुछ भी कर सकता है। वे अपनी ट्यूनिंग की मदद से गा भी सकता है। रणदीप ने गुरुवार शाम ‘दो लफ्जों की कहानी’ के दूसरे ट्रेलर लांच के मौके पर बात करते हुए कहा। यह फिल्म 10 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है। फिल्म में रणदीप के साथ काजल अग्रवाल भी मुख्य किरदार में नजर आने वाली हैं।
Latest Bollywood News