मुंबई: निर्देशक रोहित शेट्टी का कहना है कि जब तक कोई राजनीतिक दल या संगठन सेंसर बोर्ड को अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए कोई पत्र नहीं भेजता तब तक बोर्ड को 'उड़ता पंजाब' के निर्माताओं से 'पंजाब' और अन्य शब्द हटाने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है।
रोहित ने कहा, "मुझे लगता है कि 'उड़ता पंजाब' संबंधी विवाद को हव्वा बना दिया गया है, जबकि इस सबकी कोई जरूरत नहीं थी। फिल्म से पंजाब शब्द हटाने, मंत्री या एमएलसी शब्द का इस्तेमाल नहीं करने और किसी निश्चित जगह का नाम लेने से रोकना..यह सही नहीं है।"
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उन्होंने कहा, "नियम के मुताबिक, सेंसर बोर्ड को किसी राजनीतिक दल या संगठन की आपत्ति पर ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए। क्या किसी ने उन्हें पत्र भेजा है? पत्र के बिना उन्हें फिल्म के नाम से पंजाब हटाने का कोई अधिकार नहीं है। क्या निर्माता और निर्देशक इसे 'उड़ता' नाम से रिलीज करेंगे?"
'गोलमाल' श्रृंखला और 'ऑल द बेस्ट' जैसी फिल्मों के निर्देशक रोहित 'कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन' के लिए 'वर्ल्ड नो टॉबेको डे 2016' के मौके पर मौजूद थे।
उन्होंने कहा, "समस्या यह है कि कोई भी यह नहीं जानता कि समस्या क्या है। अनुराग कश्यप, एकता कपूर और सभी सेंसर बोर्ड से सवाल कर रहे हैं। एक निर्माता और निर्देशक के तौर पर मैं समझ सकता हूं कि फिल्म की टीम और जिन लोगों ने फिल्म में पैसा लगाया है, वे किस स्थिति से गुजर रहे हैं। फिल्म शुक्रवार को रिलीज होनी है और अगर रविवार या उसके एक दिन बाद तक तक प्रमाण-पत्र नहीं मिला तो वे फिल्म रिलीज नहीं कर पाएंगे।"
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