1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. 'मेरे पिया गए रंगून' गाने वाली शमशाद बेगम कभी कैमरे के सामने नहीं आईं

'मेरे पिया गए रंगून' गाने वाली शमशाद बेगम कभी कैमरे के सामने नहीं आईं

शमशाद बेगम के जितने गानों को रीमिक्स किया गया, शायद ही किसी और के गानों को किया गया हो।

shamshad begum

शमशाद को लता मंगेशकर ,आशा भोंसले, गीता दत्त और अमीरबाई कर्नाटकी से जरा भी कम नहीं आंका गया। उनकी आवाज ने सभी का ध्यान अपनी और केंद्रित किया। उल्लेखनीय है कि 40 और 50 के दशक में शमशाद बेगम के गाए गाने रेडियो पर छाए रहते थे, जैसे 'सीआईडी' फिल्म का 'लेके पहला पहला प्यार' और 'कहीं पे निगाहें'। इसके अलावा, 'पतंगा' का 'मेरे पिया रंगून' तो आज भी कई मोबाइल फोनों में मिल जाएंगे।

'बहार' फिल्म से 'सैंया दिल में आना रे' और 'किस्मत' से 'कजरा मोहब्बत वाला' जिसे उन्होंने हीरोइन बबीता के लिए नहीं, बल्कि फिल्म के हीरो विश्वजीत के लिए गाया था। शमशाद ने अपनी आवाज की विविधता को साबित करते हुए पश्चिमी धुन पर आधारित गाने भी गाए। उन्होंने सी. रामचंद्र द्वारा कंपोज किया हुआ गाना 'आना मेरी जान संडे के संडे' गाकर धूम मचा दी। ये उनका पहला पश्चिमी धुन पर आधारित गाना था। फिल्म 'रॉकस्टार' का गाना 'कतिया करूं' काफी पसंद किया गया, लेकिन यह गीत शमशाद के पचास साल पहले गाए गाने से प्रेरित है। मशहूर गायिका शमशाद बेगम ने 'कतिया करूं' को 1963 में गाया था। यह गाना श्वेत-श्याम पंजाबी फिल्म 'पिंड डि कुरही' में अभिनेत्री निशी पर फिल्माया गया था।

अगली स्लाइड में पढ़ें और

Latest Bollywood News