शमशाद के गीत आज भी सुनकर यही लगता है, मानों ये कल की बात हो। जबकी उनके गीतों को सत्तर से अधिक वर्ष बीच चुके हैं। शमशाद बेगम की अवाज ने कई गीतों को उजियारे से भर दिया। उनकी आवाज एक ऐसी भोर है, जहां अंधियारे का नामों निशान भी नहीं है। सुरों की मल्लिका शमशाद बेगम ने 23 अप्रैल, 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन वह अपने सुरों की गूंज हमारे कानों तक छोड़ गईं। आवाज में गजब की विविधता, अनोखी गायन शैली और खास अंदाज-ए-बयां ने शमशाद को हिंदी सिनेमा की अनोखी गायिका बना दिया। उन्होंने करीब 500 गाने गाए।
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