India TV Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग हाथ और पैर बांध कर पानी के अंदर डाले गए हैं। इस वीडियो के साथ ये दावा किया जा रहा है कि ये भारतीय नौसेना के जवानों की ट्रेनिंग का वीडियो है। लेकिन इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में ये साफ हुआ कि वीडियो के साथ किया जाना वाला दावा गलत है और वीडियो असल में अमेरिका का है।
क्या हो रहा वायरल?
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @TweetGamesUp नाम के एक यूजर ने इस वीडियो को 2 जनवरी 2024 को शेयर किया था। इस वीडियो के कैप्शन में अंग्रेजी में लिखा है, "इंडियन नेवी ट्रेनिंग." इस वीडियो में दिख रहा है कि कुछ 5-6 लोगों के हाथ और पैर बांधे गए हैं। इसके बाद ये सभी लोग पूल की सतह तक जाते हैं और अपने मुंह से कुछ उठा रहे हैं और वापस ऊपर की ओर जाते हैं।
Image Source : screenshot सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये वीडियो
इसी वीडियो को दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी कई सारे यूजर्स ने इसी दावे के साथ शेयर किया है।
इंडिया टीवी ने की पड़ताल
हमने इस वीडियो के सबसे पहले कुछ कीफ्रेम निकाले और गूगल पर रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये वीडियो अपलोड मिली। houseofhighlights नाम के इस इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये वीडियो 11 जुलाई 2023 को शेयर की गई थी। यहां एक deependfitness नाम के दूसरे इंस्टाग्राम अकाउंट को क्रेडिट देते हुए ये वीडियो शेयर की गई है।
इसके बाद हम deependfitness नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर गए। इस अकाउंट पर और भी बहुत सारे अंडरवाटर ट्रेनिंग के वीडियो मिले। इस अकाउंट पर काफी खोजने के बाद हमें 29 मई 2023 को अपलोड किया गया ये असली वीडियो मिला। इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा है, "जब हम अपना आभार व्यक्त करते हैं, तो हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि सबसे बड़ी सराहना शब्दों को बोलना नहीं बल्कि उनके अनुसार जीना है।" -जेएफके हैप्पी मेमोरियल डे वीकेंड। उनके बलिदान को जियो. US"
Image Source : screenshotDeep End Fitness की वेबसाइट पर मिली जानकारी
इसके बाद हमने Deep End Fitness की वेबसाइट पर जाकर इनके बारे में पड़ताल की। यहां हमें पता लगा कि ये संस्था अमेरिकी सेना के उम्मीदवारों को उनकी प्रोफेशनल ट्रेनिंग के हिसाब से तैयार करवाती है। इसके अलावा अलग से पर्सनल ट्रेनिंग सेशन भी दिए जाते हैं। इसका ऑफिस कैलिफोर्निया,अमेरिका में है।
पड़ताल में क्या निकला?
हमारे फैक्ट चेक में ये साफ हुआ कि वायरल वीडियो के साथ किया जाने वाला दावा फर्जी है। असली वीडियो अमेरिका की एक ट्रेनिंग संस्था ने अपलोड किया था।
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