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Fact Check: नहीं, आर्मी जनरल ने नहीं कहा कि पाकिस्तान ने हमें 'हैरान' किया, जानें मामले की सच्चाई

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा कि एक प्रेस ब्रीफ्रिंग के दौरान आर्मी जनरल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने हमें 'हैरान' किया, जबकि यह हमारी पड़ताल में गलत पाया गया।

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Image Source : INDIA TV INDIA TV Fact Check

सोशल मीडिया पर आजकल सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं, इनमें से कुछ सूचनाएं भ्रामक और झूठी होती हैं। आम जनता इनके जाल में आसानी से फंस जाती है और खबर पर भरोसा कर लेती है, जबकि वह सूचना बेमतलब की होती है। एक ऐसी ही सूचना इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रही है, जो कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फैलाई जा रही है। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इसे पूरी तरह फर्जी पाया है।

क्या किया गया दावा?

दरअसल सोशल मीडिया पर भारत के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (डीसीओएएस) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह की एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जहां ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित एक बयान को उनके नाम से जोड़ा गया है। दावा किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए भारत-पाकिस्तान झड़प में पाकिस्तान ने भारत को हैरान किया। यूजर ने कैप्शन में लिखा,"पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक युद्धक क्षमता और सी4 (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर) खुफिया क्षमता ने भारतीय पक्ष को "वास्तव में आश्चर्यचकित" कर दिया।" ऐसा दावा आप यहां, यहां भी देख सकते हैं। 

पड़ताल में क्या मिला?

इस तस्वीर को देखा गया तो यह पुरानी लगी, इसके बाद इंडिया टीवी फैक्ट चेक की टीम ने तस्वरी को रिवर्स इमेज सर्च किया। तो हमें कई न्यूज रिपोर्ट मिलीं, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. के बारे में बताया गया था, पड़ताल के दौरान द हिंदू की एक रिपोर्ट मिली, जिससे पता चला कि लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. 4 जुलाई को नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे। 

Image Source : Screenshot (the hindu)INDIA TV Fact Check

द हिंदू ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि न्यू एज मिलिट्री टेक्नोलॉजीज" पर आयोजित एक कार्यक्रम में चीनी भागीदारी, "रक्षा प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण" की आवश्यकता और मजबूत वायु रक्षा प्रणालियों के बारे में बात की गई थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को अन्य हथियारों के खिलाफ अपने हथियारों का टेस्ट करने के लिए "जीवित प्रयोगशाला" के रूप में इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, डिजिटल न्यूज पोर्टल द प्रिंट ने भी उनके भाषण का एक अंश अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है। जिससे पता चला कि यह दावा गलत है। 

इसके अतिरिक्त, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने भी स्पष्ट किया है कि यह दावा झूठा है।

निष्कर्ष

इस दावे का समर्थन करने वाली कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट या प्रेस रिलीज उपलब्ध नहीं है। पीआईबी और कई न्यूज एजेंसी ने पुष्टि की है कि लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए यह दावा झूठा साबित हुआ।

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