Fact Check: इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'रेलवे ट्रैक के बीच की खाली जगह में भारतीय रेलवे सोलर पैनल लगाने वाली है।'
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि रेलवे ट्रैक के बीच की खाली जगह में भारतीय रेलवे सोलर पैनल लगाने वाली है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने एक पोस्ट में यह दावा किया है। यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, "भारत रेल पटरियों को बिजली संयंत्रों में बदल रहा है। स्थायी बुनियादी ढांचे के लिए एक क्रांतिकारी कदम के रूप में, भारतीय स्टार्टअप सन-वेज रेलवे पटरियों के बीच सीधे हटाने योग्य सौर पैनल लगा रहा है। इसके लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं, रेल सेवाओं में कोई व्यवधान नहीं, शून्य दृश्य प्रदूषण होगा। इस दृष्टिकोण से सालाना 1 टेरावाट प्रति घंटे से अधिक बिजली का उत्पादन हो सकता है, जिससे संभावित रूप से 2,00,000 से अधिक घरों को बिजली मिल सकती है।"

फैक्ट चेक
चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने तस्वीर की गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए जांच की। इसके बाद हमने गूगल पर एक कस्टमाइज़्ड कीवर्ड सर्च किया। सर्च के दौरान हमें स्विस न्यूज पोर्टल swissinfo.ch पर 29 अप्रैल, 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में दी गई फोटो, वायरल हो रही फोटो से मेल खा रही थी। हालांकि रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि यह परियोजना भारत में नहीं, बल्कि स्विट्जरलैंड में लागू की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि सोलर पैनल लगाने वाली स्टार्टअप कंपनी सन-वेज स्विट्जरलैंड में स्थित है। रिपोर्ट के पश्चिमी स्विट्जरलैंड के एक शहर बट्स के पास रेलवे पटरियों के बीच सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।

फैक्ट चेक में क्या निकला?
India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को रेलवे ट्रैक के बीच सोलर पैनल लगाने से जोड़कर वायरल किया जा रहा था। हालांकि फैक्ट चेक में ये दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।