UP SIR Date Extended: उत्तर प्रदेश में भी मुस्लिम वोटों की राजनीति हो रही है। अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी ने इल्जाम लगाया है कि SIR के जरिए, वोटर लिस्ट से मुसलमानों के नाम काटने की साजिश हो रही है। इसके लिए फॉर्म 7 को हथियार बनाया जा रहा है। हालांकि, आज चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया को एक महीने के लिए बढ़ा दिया। अब नाम जुड़वाने और कटवाने की तारीख 6 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च कर दी गई है। फॉर्म 6 और 7 पर ERO के फैसला लेने की डेट को भी बढ़ाकर 27 मार्च कर दिया गया है। अब यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट 10 अप्रैल को पब्लिश होगी।
3 करोड़ वोटर्स की नहीं हो पाई मैपिंग
असल में यूपी में अब तक करीब 3 करोड़ वोटर्स की मैपिंग नहीं हो पाई है, इसीलिए ज्यादातर पार्टियों ने चुनाव आयोग से डेट बढ़ाने की अपील की थी। इसे चुनाव आयोग ने मान लिया है। आज यूपी के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर नवदीप रिणवा ने बताया कि पिछले एक महीने में करीब 38 लाख लोगों ने अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भरा है।
1 महीने बढ़ी SIR प्रक्रिया की अवधि
नवदीप रिणवा ने कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में थे, लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। ऐसे 3 करोड़ 26 लाख वोटर्स को नोटिस भेजा जाना था, लेकिन अब तक 2 करोड़ 37 लाख लोगों को ही नोटिस भेजा गया है। इनमें से 30 लाख, 30 हजार लोगों की सुनवाई हो पाई है, इसीलिए इलेक्शन कमीशन ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक महीने का समय और दिया है।
SIR के क्या हैं आंकड़े?
अब तक के जारी आंकड़ों के मुताबिक, SIR की प्रक्रिया के तहत BLAs की तरफ से जमा किए गए Form 6 की संख्या 37 हजार 789 है। वहीं, आम नागरिकों की तरफ से जमा किए गए Form 6 & 6A की संख्या 37 लाख 81 हजार 487 है। ड्राफ्ट जारी होने के बाद जमा किए गए फॉर्म 6 की कुल संख्या 38 लाख 19 हजार 276 है। साथ ही, ड्राफ्ट जारी होने से पहले जमा किए गए Form 6 की संख्या 16 लाख 18 हजार 574 है। वहीं, 4 फरवरी तक कुल फॉर्म 6 की संख्या 54 लाख 37 हजार 850 है।
वहीं, 1 लाख 33 हजार 650 फॉर्म-7 जमा किए गए हैं। BLA की तरफ से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए Form 7 की संख्या 1,567 है। वहीं, ड्राफ्ट जारी होने से पहले Form 7 की संख्या 49 हजार 399 है। ड्राफ्ट जारी होने के बाद नागरिकों की तरफ से जमा किए गए Form 7 की संख्या 82 हजार 684 है।
सपा मुखिया ने लगाए आरोप
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है कि फॉर्म 7 के जरिए PDA वोट काटे जा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों से इनकार किया है। यूपी के सीईओ नवदीप रिणवा ने कहा कि फॉर्म 7 भरने के नियम हैं और कोई भी ऐसे किसी का वोट नहीं कटवा सकता है। लेकिन समाजवादी पार्टी जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों के फॉर्म 6 और फॉर्म 7 भरवा रही है। लखनऊ के कैंट इलाके में भी ऐसा कैंप लगा है जहां सपा नेता कह रहे हैं कि सपा के वोट काटने की साजिश हो रही है लेकिन वो सजग हैं।
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