ईसबगोल की भूसी कब, कैसे और कितनी मात्रा में खानी चाहिए?

इसबगोल को Psyllium Husk भी कहते हैं। ये घुलनशील फाइबर होता है जो प्लांटेगो ओवाटा के बीजों से बनता है। पानी डालते ही ईसबगोल की भूसी जेल जैसी बन जाती है। ये नेचुरल और प्लांट बेस्ड फाइबर है जो आंतों को साफ रखने, कब्ज दूर भगाने और पाचन को बेहतर करने में मदद करता है।
1/5 Image Source : Magnific
इसबगोल को Psyllium Husk भी कहते हैं। ये घुलनशील फाइबर होता है जो प्लांटेगो ओवाटा के बीजों से बनता है। पानी डालते ही ईसबगोल की भूसी जेल जैसी बन जाती है। ये नेचुरल और प्लांट बेस्ड फाइबर है जो आंतों को साफ रखने, कब्ज दूर भगाने और पाचन को बेहतर करने में मदद करता है।
2/5 Image Source : Magnific
ईसबगोल की भूसी को पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। इसे खाने से शरीर को नेचुरल फाइबर मिलता है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता है। ईसबगोल पूरी तरह से नेचुरल है। इसे खाने से पुराना कब्ज, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है।
3/5 Image Source : Magnific
जिन्हें कब्ज रहती है वो गुनगुने पानी या गुनगुने दूध में मिलाकर खा सकते हैं। ईसबगोल पानी में डालने पर फूलता है इसलिए इसे तुरंत पी लें। ईसबगोल को रात में सोने से आधा घंटे पहले खाना अच्छा माना जाता है।
4/5 Image Source : Magnific
रोजाना खाने वाले लोगों को लिए 1-2 चम्मच ईसबगोल की भूसी काफी है। आप इसे अपने हिसाब से पानी या दूध में डालकर मिक्स कर लें और पी जाएं। दस्त होने पर दही में 1-2 चम्मच ईसबगोल मिलाकर खाने से फायदा मिलता है।
5/5 Image Source : Magnific
जो लोग मोटापा कम करने के लिए ईसबगोल का सेवन कर रहे हैं उन्हें खाने से पहले खाना फायदेमंद होता है। वजन कंट्रोल करने के लिए खाने से करीब आधा घंटा पहले 1-2 चम्मच ईसबगोल पानी के साथ खा लें। इससे पेट भरा रहता है और आप ज्यादा खाने से बचते हैं।