40 की उम्र के बाद पैरों की कमज़ोरी और दर्द कैसे दूर करें?

40 की उम्र के बाद शरीर में मसल्स मास की कमी, विटामिन की कमी, कम शारीरिक गतिविधि और जोड़ों में घिसाव के कारण पैरों में दर्द और कमज़ोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि पैरों की कमजोरी को कैसे दूर किया जाए। डॉ. हंसा योगेंद्र, द योग इंस्टीट्यूट ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर कर बताया है कि लाइफस्टाइल मे

पैरों की कमजोरी दूर करने के लिए सबसे जरूरी है कि जांघों को मजबूत बनाया जाए। जांघों की मसल्स ही हमारे घुटने को सहारा देती है।
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पैरों की कमजोरी दूर करने के लिए सबसे जरूरी है कि जांघों को मजबूत बनाया जाए। जांघों की मसल्स ही हमारे घुटने को सहारा देती है।
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योगेंद्र उत्कटासन: जांघों और घुटनों को मजबूती देने के लिए यह बहुत असरदार है। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच 2–3 इंच की दूरी रखें और हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें। कंधे ढीले और छाती को थोड़ा बाहर की ओर रखें। लंबी और गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं। हाथों को कंधों की सीध में या सिर के ऊपर सीधा फैलाएं। हथेलियां एक-दूसरे के सामने या नीचे की तरफ रहें। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें, जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों। जांघों को ज़मीन के समानांतर लाने का प्रयास करें। अपनी पीठ को सीधा रखें और कमर से थोड़ा सा आगे झुकें, लेकिन रीढ़ की हड्डी गोल न होने दें। इस स्थिति में स्थिर रहें और सामान्य रूप से सांस लेते-छोड़ते रहें। न रखें कि आपके घुटने आपके पंजों की उंगलियों से आगे न निकलें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे घुटनों को सीधा करें और खड़े हो जाएं। सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाएं और रेस्ट करें।
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योगेंद्र एकपादासन: योगेंद्र पादासन बैलेंस को ठीक करने में बहुत कारगर माना जाता है। बढ़ती उम्र में बॉडी का बैलेंस बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। एकपादासन करने के लिए अपने एक पैर को मोड़कर दूसरे पैर पर रखने लें और एक पैर के सहारे खड़े हों। ऐसा करने से पैर, हिप्स और घुटने के मसल्स एक्टिव हो जाते हैं और बैलेंस भी सही होता है। रोजाना 10 सेकेंड करें। अगर आप बैलेंस नहीं कर पा रहे हैं तो दीवार का सहारा भी लिया जा सकता है।
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एंकल रोटेशन: हमारे एंकल भी पूरी टांग का भार उठाते हैं। ऐसे में इन्हें भी मजबूत रखना जरूरी है। अगर ये मजबूत न हो तो गिरने का जोखिम भी बढ़ सकता है। एक मैट पर पैरों को फैलाकर बैठ जाएं। फिर एंकल को धीरे धीरे गोल गोल पहले क्लॉकवाइज और फिर एंटी-क्लॉकवाइज डाइरेक्शन में घुमाएं। इस प्रक्रिया को 2 मिनट तक करें। इससे एंकल के ज्वाइंट्स मजबूत होते हैं।
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योगेंद्र सेतुबंध आसन: इसे करने के लिए समतल जमीन पर योगामैट बिछाकर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें, हथेलियां जमीन की तरफ हों। दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को हिप्स के पास ले आएं। गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपने हिप्स, कमर और पीठ को जमीन से ऊपर उठाएं। कंधों, सिर और पैरों के पंजों को जमीन पर मजबूती से टिकाकर रखें। इस स्थिति में 3 से 5 गहरी और सामान्य सांसें लें। अपनी क्षमता के अनुसार 10-30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें। इस योगासन करने से हैमस्ट्रिंग मसल्स और हिप्स मसल्स एक्टिव हो जाता है। ये हिप्स को मजबूत बनाने में मदद करता है।