हाथों में दिखने वाले ये सामान्य से लक्षण हो सकते हैं दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का संकेत, ऐसे करें पहचान

दिल से जुड़ी बीमारियां और स्ट्रोक अक्सर ब्लॉक धमनियों से जुड़े होते हैं। हमारी धमनियां ब्लॉक हैं इसके संकेत शरीर के कई अंग भी देते हैं। दरअसल, जब धमनियां संकरी या ब्लॉक हो जाती हैं, तो हमारे हाथों में कुछ असामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ये लक्षण समय के साथ हल्केपन से लेकर गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं में बदल सकते हैं। चलिए जानते हैं धमनियों के ब्लॉक होने पर हाथों में कौन से लक्षण दिखते हैं।
1/5 Image Source : freepik
दिल से जुड़ी बीमारियां और स्ट्रोक अक्सर ब्लॉक धमनियों से जुड़े होते हैं। हमारी धमनियां ब्लॉक हैं इसके संकेत शरीर के कई अंग भी देते हैं। दरअसल, जब धमनियां संकरी या ब्लॉक हो जाती हैं, तो हमारे हाथों में कुछ असामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ये लक्षण समय के साथ हल्केपन से लेकर गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं में बदल सकते हैं। चलिए जानते हैं धमनियों के ब्लॉक होने पर हाथों में कौन से लक्षण दिखते हैं।
2/5 Image Source : freepik
​हाथों में तेज़ दर्द और सुन्नता: अचानक से एक हाथ में तेज़ दर्द होना रक्त का थक्का जमने या धमनी के ब्लॉक होने का संकेत हो सकता है। यह दर्द तेज़, गहरा या चुभने वाला हो सकता है। यह अक्सर एक ही हाथ को प्रभावित करता है। यह एक ऐसी गंभीर मेडिकल स्थिति है जिसमें रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है। इस तेज़ दर्द के साथ-साथ हाथ में ऑक्सीजन की कमी के कारण सुन्नता या झुनझुनी भी महसूस हो सकती है।
3/5 Image Source : freepik
​उंगलियों के रंग में बदलाव: ​शरीर में रक्त का प्रवाह कम होने पर त्वचा के रंग में बदलाव आ सकता है, खासकर उंगलियों के रंग में। उंगलियों का रंग नीला, सफ़ेद या बैंगनी हो सकता है। यह ठण्ड या तनाव के कारण भी हो सकता है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है तो यह एक्रोसायनोसिस नामक एक प्रकार के पेरिफेरल आर्टरी डिजीज का संकेत हो सकता है।
4/5 Image Source : freepik
​बांहों में ऐंठन: ​​बांहों में ऐंठन होने की स्थिति को मेडिकल भाषा में क्लाउडिकेशन कहते हैं। जब इन क्षेत्रों में रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियां संकरी या ब्लॉक हो जाती हैं। तो मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इससे बाँहों में भारीपन या ऐंठन महसूस हो सकती है।
5/5 Image Source : freepik
​मांसपेशियों में कमज़ोरी: ​ऊपरी अंगों में लंबे समय तक रक्त की कमी के कारण हाथों या बाँहों की मांसपेशियों में धीरे-धीरे कमज़ोरी आ सकती है। इससे किसी भी चीज़ को पकड़ने की शक्ति कम हो जाती है, सामान्य काम करते समय भी हाथों में थकान होती है और अधिक गंभीर मामलों में हाथों की मांसपेशियों में सिकुड़न आ जाती है।