सुबह की ये आदतें इंसुलिन को मैनेज करने में कर सकती हैं मदद, कंट्रोल होगा ब्लड शुगर

द योग इंस्टीट्यूट की निदेशक हंसाजी योगेंद्र बता रही हैं कि इंसुलिन को मैनेज करने के लिए सुबह किन आदतों को अपनी जीवनशैली में शामिल करना चाहिए।

आजकल खराब खान-पान और बिगड़ी हुई जीवनशैली की वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए अपने दिन की शुरुआत कुछ अच्छी आदतों के साथ करना चाहिए। द योग इंस्टीट्यूट की निदेशक हंसाजी योगेंद्र बता रही हैं कि इंसुलिन को मैनेज करने के लिए सुबह किन चीजों को अपनी रूटीन में शामिल करना चाहिए।
1/5 Image Source : UNSPLASH
आजकल खराब खान-पान और बिगड़ी हुई जीवनशैली की वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए अपने दिन की शुरुआत कुछ अच्छी आदतों के साथ करना चाहिए। द योग इंस्टीट्यूट की निदेशक हंसाजी योगेंद्र बता रही हैं कि इंसुलिन को मैनेज करने के लिए सुबह किन चीजों को अपनी रूटीन में शामिल करना चाहिए।
2/5 Image Source : UNSPLASH
सुबह सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं: सुबह सोकर उठने के बाद सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं। दरअसल, आठ से नौ घंटे की नींद के बाद सुबह उठने पर शररी डिहाइड्रेटेड होता है ऐसे में पानी पीने से न केवल बॉडी हाइड्रेट होती है बल्कि मेटाबॉल्ज़िम भी फ़ास्ट होता है जो आपके इंसुलिन को मैनेज करता है।
3/5 Image Source : UNSPLASH
सुबह ब्रेकफास्ट से पहले मसल्स को एक्टिवेट करें: हंसाजी योगेंद्र कहती हैं कि सुबह का नाश्ता करने से पहले मसल्स को एक्टिवेट करें यानी आप ब्रिस्क वॉक, या स्ट्रेचिंग करें। मसल्स सिर्फ शरीर को एक्टिव नहीं बनाते हैं बल्कि वे शरीर के उन टिशूज़ में से एक हैं जो ग्लूकोज का इस्तेमाल करते हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं।
4/5 Image Source : UNSPLASH
इंसुलिन फ्रेंडली ब्रेकफास्ट: ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए डाइट में इंसुलिन फ्रेंडली ब्रेकफास्ट शामिल करें। सुबह के नाश्ते में आप फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट को शामिल करें। मिलेट्स, स्प्राउट्स, मूंग, पनीर, नट्स, सीड्स, सब्जी जैसी हेल्दी फूड्स कॉम्बिनेशन को सुबह के नाश्ते में शामिल करें।
5/5 Image Source : UNSPLASH
मेडिटिशन है ज़रूरी: इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए ज़रूरी है तनाव को कंट्रोल करना। इसलिए नाश्ता करने के बाद रोजाना मेडिटिशन करें। आप गहरी सांस लेकर रोजाना ध्यान लगाएं। ऐसा करने से स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल कंट्रोल होता है।