सरसों, नारियल, बादाम, मूंगफली और सूरजमुखी के तेल की तासीर क्या होती है?

डॉक्टर कहते हैं कि तेल को बदल-बदलकर और सीजन के हिसाब से खाना चाहिए। अलग-अलग तेल की तासीर भी अलग होती है। आइये जानते हैं सरसों, नारियल, बादाम, मूंगफली और सूरजमुखी के तेल की तासीर क्या होती है?

आयुर्वेद के मुताबिक सूरजमुखी के तेल की तासीर ठंडी होती है। इसका इस्तेमाल गर्मियों में किया जाना अच्छा होता है। सूरजमुखी का तेल शरीर में पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है।
1/5 Image Source : Magnific
आयुर्वेद के मुताबिक सूरजमुखी के तेल की तासीर ठंडी होती है। इसका इस्तेमाल गर्मियों में किया जाना अच्छा होता है। सूरजमुखी का तेल शरीर में पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है।
2/5 Image Source : Magnific
सरसों के तेल की तासीर को लेकर लोग काफी कंफ्यूज रहते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है इसका इस्तेमाल सर्दियों में फायदेमंद माना जाता है।
3/5 Image Source : Magnific
नारियल का तेल गर्मियों के लिए अच्छा होता है। नारियल तेल की तासीर ठंडी होती है। गर्मी में मालिश और सिर की मसाज के लिए इसे अच्छा माना जाता है। नारियल के तेल से पेट की गर्मी कम होती है।
4/5 Image Source : Magnific
बादाम की तासीर गर्म होती है इसलिए इससे निकला आल्मंड ऑयल भी गर्म तासीर वाला होता है। इससे जोड़ों के दर्द में मालिश करने से आराम मिलेगा। इससे वात और कफ को बैलेंस करने में मदद मिलती है।
5/5 Image Source : India tv
आयुर्वेद के अनुसार मूंगफली के तेल की तासीर गर्म होती है। सर्दियों में खाना पकाने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मालिश करने में भी फायदा मिलता है।