अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद से एक पॉजिटिव खबर सामने आई। गुजरात के डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष सांघवी ने भीख मांगने वाले 23 बच्चों का आज स्कूल में एडमिशन कराया। हर्ष सांघवी ने अहमदाबाद को बैगर फ्री बनाने का अभियान शुरू किया।
भीख मांगने वालों को पकड़कर शेल्टर होम्स में पहुंचाने का आदेश
नगर निगम के अफसरों को पुलिस के साथ मिलकर अहमदाबाद के मंदिरों, रेडलाइट्स और दूसरे इलाकों में भीख मांगने वालों को पकड़कर शेल्टर होम्स में पहुंचाने का आदेश दिया है। इसके बाद दो दिन से भिखारियों को पकड़ने का अभियान चल रहा है।
पुलिस और नगर निगम ने एक अभियान की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत 23 बच्चे भी जगह जगह भीख मांगते दिखे। हर्ष सांघवी ने इन बच्चों के हाथ में कटोरे की जगह किताबें देने का फैसला किया। आज हर्ष साघंवी इन बच्चों को साथ लेकर स्कूल पहुंचे, सबका एडमिशन करवाया।
हमारे संवाददाता निर्णय कपूर ने बताया कि पिछले दो साल में AHTU और महिला सेल फैक्ट्रियों में काम करने वाले 276 बच्चों को स्कूल भेज चुकी है। 33 लापता बच्चों का पता लगाया जा चुका है। जिन बच्चों से जबरन भीख मंगवाई जा रही थी। 67 बच्चों को बचाया गया है। हर्ष सांघवी ने कहा कि गुजरात सरकार की ये मुहिम जारी रहेगी।
भीख मांगना एक बड़ा मुद्दा
भीख मांगने वालों की समस्या पूरे देश में है। अब तो लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग दिखाई देते हैं जो भीख मांगकर अपना काम चलाते हैं। लोगों के मन में भी दुविधा रहती है कि किसी गरीब पर दया करके उसे पैसा दें या फिर मुंह मोड़कर चले जाएं क्योंकि भीख देने से ये समस्या और बढ़ेगी। ऐसे में हर्ष सांघवी ने एक रास्ता दिखाया है। भीख मांगने वाले बच्चों को स्कूल भेजना एक अच्छा कदम है और भीख मांगने वाले बड़े लोगों को स्किल ट्रेनिंग दिलाकर किसी काम में लगाया जाए तो ये समस्या सुलझ सकती है।
अच्छी बात ये भी है कि भीख मांगने की जगह जब ये बच्चे स्कूल जाएंगे तो अपना भविष्य सुधाएंगे और देश की तरक्की में भी योगदान देंगे। इन बच्चों को देखकर बाकी भीख मांगने वाले बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी और वह स्कूल जाने की तरफ आकर्षित होंगे।
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