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64 साल बाद गुजरात के रण में कांग्रेस करने जा रही ये खास काम, BJP को चौंका देगा पार्टी का बदलने वाला स्वरूप?

64 साल बाद गुजरात की धरती पर हो रहे कांग्रेस अधिवेशन के लिए पार्टी ने खासी तैयारी की है। गांधी-पटेल की धरती से कांग्रेस देश में सत्तारूढ दल के दो सबसे ताकतवर नेता पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को उन्हीं की घरेलू धरती पर संदेश देना चाहती है।

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Image Source : PTI राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे

अहमदाबाद: गुजरात में कांग्रेस की राजनीतिक जमीन पिछले कुछ दशकों में लगातार कमजोर होती चली गई है। बीजेपी के लगातार वर्चस्व और संगठनात्मक मजबूती के सामने कांग्रेस पार्टी को कई चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन अब कांग्रेस ने राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया है। कांग्रेस अहमदाबाद में आयोजित होने जा रहे अधिवेशन में संगठन सृजन और जवाबदेही पर जोर देने के साथ ही सामने खड़ी चुनौतियों से निपटने और अपनी चुनावी किस्मत संवारने की रूपरेखा तय करेगी। गुजरात में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का यह अधिवेशन 64 साल के बाद हो रहा है।

अधिवेशन में कौन-कौन होगा शामिल?

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस अधिवेशन के जरिए कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) की शक्तियां बढ़ाने, संगठन सृजन के कार्य को तेज करने, चुनावी तैयारियों और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करने का निर्णय किया जाएगा। पार्टी के शीर्ष नेता, कार्य समिति के सदस्य, वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कमेटी के सदस्य अधिवेशन में शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दोनों बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, एलओपी राहुल गांधी, कांग्रेस शासित राज्यों के सभी सीएम, पार्टी के शीर्ष नेता, कार्य समिति के सदस्य, वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कमेटी के सदस्य शामिल होंगे।

140 साल में गुजरात में कांग्रेस का छठा अधिवेशन

अधिवेशन 9 अप्रैल को होगा और इससे एक दिन पहले आठ अप्रैल को विस्तारित कार्य समिति की बैठक होगी। इस बैठक में अधिवेशन के एजेंडे पर मुहर लगाई जाएगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश कहना है कि पार्टी के 140 साल के इतिहास में यह गुजरात में कांग्रेस का छठा अधिवेशन है। उन्होंने बताया-

  1. गुजरात में कांग्रेस पार्टी की पहली ऐसी बैठक अहमदाबाद में 23-26 दिसंबर 1902 के बीच सुरेंद्र नाथ बनर्जी की अध्यक्षता में हुई थी।
  2. कांग्रेस की दूसरी बैठक गुजरात के सूरत में 26-27 दिसंबर 1907 को रास बिहारी घोष की अध्यक्षता में हुई थी।
  3. गुजरात में पार्टी का तीसरा अधिवेशन 27-28 दिसंबर, 1921 को हकीम अजमल खान की अध्यक्षता में हुआ था।
  4. कांग्रेस पार्टी का चौथा अधिवेशन गुजरात के हरिपुरा में 19-21 फरवरी 1938 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अध्यक्षता में हुआ था।
  5. कांग्रेस की पांचवीं ऐसी बैठक गुजरात के भावनगर में 6-7 जनवरी 1961 को नीलम संजीव रेड्डी की अध्यक्षता में हुई थी।

जयराम रमेश का कहना है कि गुजरात में अब छठी बार कांग्रेस की ऐसी बैठक 8 और 9 अप्रैल, 2025 को अहमदाबाद में मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हो रही है। रमेश ने कहा, "विस्तारित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 8 अप्रैल को सरदार पटेल मेमोरियल में होगी और और अगले दिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक साबरमती आश्रम और कोचरब आश्रम के बीच साबरमती के तट पर होगी।"

पूरे जोरशोर से तैयारी कर रही कांग्रेस

कांग्रेस इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरे जोरशोर से तैयारी कर रही है। दरअसल, गांधी-पटेल की धरती से कांग्रेस देश में सत्तारूढ दल के दो सबसे ताकतवर नेता पीएम मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को उन्हीं की घरेलू धरती पर संदेश देना चाहती है। दरअसल, कांग्रेस संकेत देना चाहती है कि 2027 के चुनाव के लिए वह अभी से राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है। गुजरात में दो दिवसीय कांग्रेस सत्र राज्य में पार्टी की 'समृद्ध विरासत' को उजागर करने की कोशिश करेगा।

चुनावी किस्मत संवारने की रूपरेखा तय करेगी कांग्रेस

पार्टी का यह अधिवेशन ऐसे समय होने जा रहा है जब 2024 के लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में हार से उसकी उम्मीदों का बड़ा झटका लगा है। इस साल पार्टी की निगाहें बिहार विधानसभा चुनाव पर हैं जहां वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। कांग्रेस की चुनावी किस्मत के लिहाज से अगला साल महत्वपूर्ण रहेगा जब वह केरल और असम के विधानसभा चुनाव में सत्ता के दावेदार के रूप चुनावी समर में उतरेगी। वह अगले वर्ष ही तमिलनाडु में द्रमुक के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, हालांकि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में उसने फिलहाल गठबंधन को लेकर तस्वीर साफ नहीं की है।

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