गुजरात में कच्छ के रापर तालुका की एक स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप में फरार चल रहे स्कूल के प्रधानाचार्य को पुलिस ने आणंद जिले के सोजित्रा तालुका के देवातलपड गांव से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में रापर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 11993010260526/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 64(2)(f)(i)(m), 65, 75(1)(i), 351(2), 54 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 12, 17 और 21(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार स्कूल के प्रधानाचार्य पर नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।
गिरफ्तारी के लिए बनाई गई थी टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक चिराग कोरडिया, बॉर्डर रेंज भुज, पुलिस अधीक्षक सागर बागमार, पूर्व कच्छ गांधीधाम और उप पुलिस अधीक्षक सागर सांबड़ा, भचाऊ विभाग द्वारा आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के लिए रापर पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया गया था। जिसके बाद रापर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर आर.एल. खटाणा ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी विपुल भानुभाई गोहिल को गिरफ्तार कर लिया।
चार लोगों पर दर्ज हुआ था केस
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब पुलिस ने शुरुआती जांच में इन आरोपों की पड़ताल शुरू की, तो स्कूल अधिकारियों ने 24 सितंबर को पुलिस को एक आवेदन दिया, जिसमें सिर्फ़ किट मिलने की जानकारी दी गई थी, लेकिन यौन उत्पीड़न का कोई ज़िक्र नहीं था। संबंधित पुलिस स्टेशन के SHO ने कहा, "इसके बाद हम लड़की के माता-पिता से मिले। उन्होंने 25 सितंबर को रेप की शिकायत दर्ज कराई। इसमें चार लोगों पूर्व प्रिंसिपल, ट्रस्टी, एडमिनिस्ट्रेटर और हॉस्टल वार्डन (जिनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं) के खिलाफ BNS और POCSO एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
ऐसे सामने आया था मामला
यह मामला तब सामने आया जब स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के दौरान स्कूल परिसर में एक महिला टीचर को प्रेग्नेंसी टेस्ट किट मिली। टीचर और गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन ने CCTV फुटेज की जांच की और पाया कि किट कथित तौर पर स्कूल प्रिंसिपल की जेब से गिरी थी। इसके बाद उन्होंने ट्रस्ट के सेक्रेटरी को जानकारी दी। रापर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आर.एल. खट्टाना ने कहा, "जांच के दौरान ट्रस्ट के सेक्रेटरी और कोर कमेटी के सदस्य को घटना के बारे में पता चला।
प्रिंसिपल का घर गर्ल्स हॉस्टल के पास ही है। आरोप है कि उन्होंने लड़की को हॉस्टल के पीछे एक सुनसान जगह पर ले जाकर 15 अगस्त से दो दिन पहले और उसके दो दिन बाद रेप किया। पुलिस ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचित करने के बजाय सिर्फ़ प्रिंसिपल को सस्पेंड किया और लड़की को उसके माता-पिता के पास वापस भेज दिया, जिससे मामले को दबाने की कोशिश की गई।
रिपोर्ट - नीतेश गोर कच्छ
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