महाराष्ट्र के मुंबई से गुजरात के अहमदाबाद जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर सूरत के उतरान रेलवे स्टेशन के पास पथराव की घटना हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इसी ट्रेन में सफर कर रही थीं। पुलिस ने पत्थर फेंकने वाले शख्स को गिरफ्त में ले लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा है।
हाल ही में यूपी के महोबा जिले में एक वंदे भारत ट्रेन से सांड की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ट्रेन का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। वंदे भारत ट्रेन खजुराहो से वाराणसी जा रही थी। इसी दौरान अचानक ट्रेन के सामने एक सांड आ गया। जीआरपी महोबा के किड़ारी फाटक के पास यह हादसा हुआ। हादसे के बाद ट्रेन को करीब एक घंटे तक रोककर रखना पड़ा। इसके बाद यहां इसकी मरम्मत की गई और फिर ट्रेन को रवाना किया गया।
आनंदीबेन पटेल का अब तक का सियासी सफर
आनंदीबेन पटेल के सियासी सफर की बात करें तो वो राजनीति में आने से पहले एक स्कूल में विज्ञान और गणित की शिक्षिका थीं। साल 1987 में नर्मदा नदी में डूब रही दो छात्राओं की जान बचाकर उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया, जिसके लिए उन्हें 'वीरता पुरस्कार' मिला। इसी घटना के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वॉइन करके अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की।
पार्टी में आने के बाद उन्होंने तेजी से तरक्की की और महिलाओं की आवाज बुलंद की। वे 1994 से 1998 तक राज्यसभा सांसद रहीं और बाद में गुजरात विधानसभा की विधायक बनीं। नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने राजस्व, शिक्षा और शहरी विकास जैसे कई अहम मंत्रालय संभाले। साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब आनंदीबेन पटेल ने गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाली और अगस्त 2016 तक इस पद पर रहीं।
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में राज्यपाल की बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उन्होंने साल 2018 से 2019 तक मध्य प्रदेश की राज्यपाल के रूप में कार्य किया। इसके बाद जुलाई 2019 में उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
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