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SIR को लेकर हरियाणा में हलचल, 44.91 लाख वोटरों को नोटिस क्यों? EC ने दिए ये निर्देश

हरियाणा में SIR के दौरान मैपिंग प्रक्रिया में गलत जानकारी देने के मामले में 44.91 लाख से ज्यादा वोटरों को नोटिस जारी किए गए हैं। दावे-आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक होगा और अंतिम वोटर लिस्ट 6 नवंबर को जारी की जाएगी।

6 नवंबर को जारी होगी...- India TV Hindi
Image Source : PTI 6 नवंबर को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट।

चंडीगढ़: हरियाणा में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 44.91 लाख से अधिक मतदाताओं को मैपिंग प्रोसेस में गलत जानकारी देने के मामले में नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 40.56 लाख से ज्यादा मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 4.35 लाख मामलों की सुनवाई अभी लंबित है।

अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा लंबित मामलों की संख्या फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिलों में है। हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया है कि लंबित सुनवाई का तय समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाए। साथ ही आदेश पारित करते समय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं

अधिकारी ने वोटर्स से अपील की है कि नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं। जिन वोटर्स को नोटिस मिला है, वे संबंधित ERO के पास जाकर अपना जवाब और सही दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इससे रिकॉर्ड में मौजूद विसंगति को ठीक कराया जा सकेगा।

चुनाव आयोग के निर्देश पर गुरुवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक भी हुई। बैठक में निर्देश दिया गया कि सुनवाई के दौरान अपात्र पाए गए मतदाताओं या जिनके Form-6 आवेदन खारिज हुए हैं, उनके मामलों की दोबारा जांच की जाए। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उचित कारण के बिना किसी भी वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा।

नए वोटर्स के लिए 3.78 लाख आवेदन

SIR प्रक्रिया के तहत हरियाणा में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए करीब 3.78 लाख Form-6 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन गुरुग्राम से 39,985, फरीदाबाद से 33,463 और हिसार से 22,001 मिले हैं। वहीं, चरखी दादरी से 7,095, पंचकूला से 8,786 और नूंह से 9,087 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाएगा, जबकि हरियाणा की अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को प्रकाशित होगी।

कांग्रेस ने की पारदर्शिता की मांग 

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि SIR के तहत वोटर लिस्ट में हुए बदलावों की विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा जरूरी है। इसमें हटाए गए नाम, संभावित रूप से हटाए जाने वाले नाम, प्राप्त दावे-आपत्तियां और लंबित नोटिसों की स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए।

कांग्रेस की राज्य स्तरीय एक्शन और मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक 7 अक्टूबर को होगी। इसमें हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शामिल होने की बात कही गई है। कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने भी कहा कि वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम जल्दबाजी में नहीं हटाया जाना चाहिए। 

वहीं, कर्नाटक में भी SIR के दौरान बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 जमा किए जाने पर घमासान मचा हुआ है। गुरुवार को सीएम डीके शिवकुमार चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और अपनी मांगें रखने के बाद बाहर धरने पर बैठ गए। 

(इनपुट- PTI)

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