आजकल काजल लगाना फैशन बन चुका है। डॉक्टर भले ही बच्चों को काजल नहीं लगाने की सलाह देते हैं लेकिन बड़े होकर लड़कियां उसी काजल के बिना घर से बाहर नहीं निकलतीं। काजल से आंखें खूबसूरत लगती हैं लेकिन अगर लंबे समय तक काजल लगाकर रखा जाए और इसे ठीक से साफ न किया जाए तो इससे आंखों में परेशानी हो सकती है। इंस्टाग्राम पर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें काजल लगाने से एक लड़की की आंख का ऑपरेशन होने तक की नौबत आ गई है। जानिए काजल लगाना कितना खतरनाक है?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो बता रही हैं कि अगर आंखों से काजल को ठीक तरीके से हटाया न जाए तो ये गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। खासकर तब जब काजल को लंबे समय तक लगाए रखा जाए या ठीक से हटाया न जाए।
काजल लगाने से बीमारी
दरअसल हमारी पलकों के किनारे पर छोटी-छोटी 'मीबोमियन ग्रंथियां' (meibomian glands) होती हैं। ये ग्रंथियां ऐसा तेल बनाती हैं जो आंखों की नमी बनाए रखने और आंसुओं को जल्दी सूखने से बचाने के लिए जरूरी होता है।आंख के अंदरूनी किनारे यानि वाटर लाइन पर काजल लगाने से इन ग्रंथियों के छेद बंद हो सकते हैं। समय के साथ काजल के कण, वैक्स, तेल और बाहर की गंदगी इन छेदों के आस-पास जमा हो सकती है, जिससे तेल का सामान्य बहाव रुक जाता है।ट
काजल लगाने से हो सकती हैं ये समस्याएं
स्टाई (Stye/hordeolum)- यह एक तरह का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो आमतौर पर Staphylococcus aureus बैक्टीरिया से होता है। ये पलक के बाल की जड़ या मीबोमियन ग्रंथि में होता है।
कैलाजियन (Chalazion)- यह मीबोमियन ग्रंथि के बंद होने के कारण बनने वाली सूजन वाली गांठ है। जो परेशान कर सकती है।
काजल लगाकर सोने से खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि इससे मेकअप, बैक्टीरिया और गंदगी लंबे समय तक पलक के किनारे के संपर्क में रहते हैं, जिससे ग्रंथियों के बंद होने और बैक्टीरिया के ज्यादा बढ़ने का खतरा रहता है।
कैसे लगाएं काजल जिससे कम नुकसान हो
डॉक्टर आंचल ने बताया कि आंखों को सुरक्षित रखना है तो हर रात आंखों का मेकअप अच्छी तरह साफ करें। अगर हो सके तो काजल को लगातार कई घंटों तक लगाए रखने से बचें। आंख के अंदरूनी किनारे जिसे वाटर लाइन कहते हैं, यहां काजल लगाने से बचें, खासकर अगर आपको बार-बार स्टाई, कैलाजियन, ड्राई आई या मीबोमियन ग्रंथि की समस्या होती है। आंखों के मेकअप का सामान हर 3-6 महीने में बदलें और इसे कभी भी दूसरों के साथ शेयर न करें।
स्टाई या कैलाजियन शायद ही कभी सिर्फ काजल लगाने से होता है, लेकिन पलकों की साफ-सफाई न रखने, लंबे समय तक काजल लगाए रखने और बार-बार अंदरूनी किनारे पर काजल लगाने से संवेदनशील लोगों में इसका खतरा काफी बढ़ सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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