स्वस्थ होने की निशानी सिर्फ पतला होना या मोटा होना नहीं है। इसमें आपके शरीर की मांसपेशियों की भी अहम भूमिका होती है। फिजिकल एक्टिविटी के साथ शारीरिक ताकत, खान-पान, उम्र और दूसरी कई चीजें स्वास्थ्य पर असर डालती हैं। आसान भाषा में समझें तो जांघों का आकार और खासकर उनमें मौजूद मांसपेशियों की ताकत आपकी सेहत से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, केवल जांघ का साइज या मोटा और पतला होने से किसी व्यक्ति की उम्र या उसके जीने का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। डॉक्टर सौरभ सेठी (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, पेट और लीवर रोग विशेषज्ञ, कैलिफोर्निया) ने बताया पैरों की मांसपेशियों का शरीर को स्वस्थ रखने में कितना अहम योगदान है और जांघों की मांसपेशियों को कैसे मजबूत बनाएं।
पतली जांघ और स्वास्थ्य का संबंध
कई रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों की जांघों का घेरा यानि जांघों को मोटापा कम होता है उनमें हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है और समय से पहले मृत्यु का खतरा भी ऐसे लोगों में ज्यादा देखा गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पतली जांघ आपके स्वस्थ होने की निशानी है या मोटापा आपकी हेल्थ के लिए अच्छा है। असली चीज है कि आपकी जांघों की मांसपेशियां कैसी हैं। अगर आपकी मांसपेशियां मजबूत हैं तो ये शरीर को कई बीमारियों से दूर रखने में मदद कर सकती हैं।
जांघों की मांसपेशियों से जुड़ी सेहत
मजबूत मांसपेशियां- जांघों में शरीर की बड़ी और बहुत महत्वपूर्ण मांसपेशियां होती हैं। अच्छी मजबूत मांसपेशी शरीर को ग्लूकोज और ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने में मदद करती हैं। इसलिए मांसपेशियों की मात्रा और ताकत सिर्फ शरीर की चर्बी से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो हैं।
मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन सेंसिटिविटी- मजबूत मांसपेशियां शरीर में ब्लड शुगर को इस्तेमाल करने में मदद करती हैं। इससे इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर रखने में मदद मिल सकती है और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को भी सपोर्ट मिलता है।
दिल की सेहत के लिए जरूरी- नियमित रूप से पैरों और जांघों की मांसपेशियों का इस्तेमाल करने से शारीरिक एक्टिवनेस बढ़ती है। रोजाना की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी वजन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद होती है।
जांघों की मांसपेशियां मजबूत कैसे रखें
इसके लिए बहुत हार्ड एक्सरसाइज जरूरी नहीं है। रोजाना की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी भी मदद कर सकती हैं जैसे-
- सीढ़ियां चढ़ना
- चढ़ाई वाली जगह पर पैदल चलना
- बॉडीवेट स्क्वैट करना
- कुर्सी से बिना हाथ लगाए बार-बार उठना और बैठना
- नियमित रूप से पैदल चलना
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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