हर साल मानसून के मौसम में डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड और वायरल बुखार के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मरीज बुखार से जल्द ठीक हो जाते हैं लेकिन कमजोर लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में लोगों को समझ नहीं आता कि इस कमजोरी से कैसे छुटकारा पाया जाए। बुखार के बाद शरीर थका हुआ लगता है। ऐसे में डॉ. जे. कीर्तना, एसोसिएट कंसल्टेंट, संक्रामक रोग, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग ने 5 असरदार टिप्स के बारे में बताया है जिससे आपको रिकवरी में मदद मिल सकती है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
बुखार ठीक होने के बाद कमजोरी महसूस होने को पोस्ट इंफेक्शियस फैटीग कहा जाता है और मानसून की कई बीमारियों के बाद इसके होने के प्रमाण मिले हैं। कई मरीजों में ऐसा देखने को मिला है कि बीमारी से ठीक होने के बाद कई हफ्तों और कभी कभी महीनों तक थकान, कमजोरी या सोचने समझने में परेशानी महसूस होती है।
ऐसा क्यों होता है?
PIF को अब सिर्फ थकान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसे संक्रमण फैलाने वाले जर्म्स और शरीर के बीच इम्यून रिस्पॉस के रूप में देखा जा रहा है। हर इंसान का शरीर एक ही बीमारी पर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। कई बार जेनेटिक कारणों की वजह से भी ऐसा हो सकता है। आपके माता-पिता या खानदान से आपको कैसे जीन (DNA) मिले हैं। अगर आपके परिवार में किसी खास बीमारी की प्रवृत्ति रही है, तो आपका शरीर भी उसके प्रति अधिक संवेदनशील या कमजोर हो सकता है।
बीमार होने के बाद बुखार उतरते ही शरीर पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता। भले ही आपकी ब्लड रिपोर्ट नॉर्मल आ गई हो, फिर भी कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और थकावट महसूस होना बिल्कुल स्वाभाविक है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं।
प्रतिरक्षा प्रणाली का "आफ्टरशॉक": बुखार भले ही कम हो जाए, लेकिन आपकी इम्यून सिस्टम तुरंत बंद नहीं होती। वह संक्रमण के बचे-खुचे असर को खत्म करने और अंदरूनी नुकसान की भरपाई में लगी रहती है। कभी-कभी यह ओवर-एक्टिव प्रतिरक्षा प्रणाली आपके शरीर के अपने टिशू पर भी थोड़ा असर डालती है, जिससे मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र रिकवर होने में समय लेते हैं।
एनर्जी की कमी: बीमारी और बुखार के दौरान भूख कम हो जाती है, जिससे शरीर का न्यूट्रिशन और एनर्जी स्टोरेज खाली हो जाता है। इस खाली पड़े एनर्जी स्टोरेज को फिर से भरने में समय लगता है।
इसके लिए क्या करना चाहिए?
1. पर्याप्त पानी पिएं और अच्छा खाना खाएं। प्रोटीन, फल और सब्जियां किसी भी सप्लीमेंट की तुलना में रिकवरी में बेहतर मदद करती हैं।
2. रिकवरी में समय लगने की उम्मीद रखें। कई लोगों में यह 2 से 4 सप्ताह तक रह सकता है, और कभी कभी इससे अधिक समय भी लग सकता है, खासकर बुजुर्गों या पहले से अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में।
Latest Health News