आजकल महिलाओं में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में मां बनने की प्लानिंग कर रही महिलाएं खानपान के साथ-साथ योग और एक्सरसाइज का भी सहारा लेती हैं। लेकिन क्या वाकई इन एक्सरसाइज को करने से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है? डॉक्टर पुनीत राणा अरोड़ा गुरुग्राम स्थित CIFAR (Centre for Infertility and Assisted Reproduction) की संस्थापक और निदेशक कहती हैं कि महिलाओं की फर्टिलिटी को कई चीजें प्रभावित करती हैं, जैसे ओव्यूलेशन, हार्मोनल संतुलन, प्रजनन स्वास्थ्य, उम्र और सामान्य सेहत। योग और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज इसमें मददगार हो सकती हैं। ये महिलाओं को गर्भधारण की कोशिश के दौरान होने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकती हैं।
योग में हल्की शारीरिक गतिविधियां, सांस लेने के व्यायाम और रिलैक्सेशन तकनीकें फायदेमंद हैं। ये महिलाओं को उस तनाव और चिंता को कम करने में मदद कर सकती हैं, जो अक्सर फर्टिलिटी की प्रक्रिया के दौरान होती है। योग से शरीर अधिक लचीला बनता है, मन शांत रहता है और नींद भी बेहतर आती है। फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान तनाव को मैनेज करने से महिलाओं की भावनात्मक स्थिति बेहतर हो सकती है। हालांकि, योग को प्रजनन हार्मोन को नियंत्रित करने, एग (अंडे) की गुणवत्ता सुधारने या गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के तरीके के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज के फायदे
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज उन मांसपेशियों को मजबूत करता है जो ब्लैडर, गर्भाशय और आंतों को सहारा देती हैं। ये पेल्विक फ्लोर के काम को बेहतर बनाने और यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस जैसी समस्याओं में मदद कर सकती हैं। हालांकि पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज पेल्विक क्षेत्र के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं, लेकिन इस बात का कोई पर्याप्त प्रमाण नहीं है कि इनसे ओव्यूलेशन बढ़ता है, एग की गुणवत्ता में सुधार होता है या प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना बढ़ती है। इन एक्सरसाइज को सही तरीके से करना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर पेल्विक मांसपेशियां पहले से ही बहुत टाइट हैं, तो ज्यादा तनाव देने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
कौन से योगासन फायदेमंद हैं?
बटरफ्लाई पोज़, कैट-काऊ पोज़, चाइल्ड्स पोज़ और सपोर्टेड बाउंड एंगल पोज़ जैसे योगासन शरीर को रिलैक्स करने और स्ट्रेच करने में मददगार हो सकते हैं। डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन भी फर्टिलिटी से जुड़े तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। ऐसे योगासन चुनें जो करने में आरामदायक हों; किसी भी ऐसे आसन से बचें जिससे परेशानी हो। जो महिलाएं फर्टिलिटी ट्रीटमेंट ले रही हैं, उन्हें किसी भी तरह की भारी शारीरिक गतिविधि शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?
योग और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा तो हो सकते हैं, लेकिन ये इनफर्टिलिटी से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। अगर 12 महीने के भीतर गर्भधारण न हो, या 35 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के मामले में 6 महीने के भीतर गर्भधारण न हो, तो फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
Latest Health News