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शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं, बता रहे हैं डॉक्टर

विटामिन D एक ज़रूरी पोषक तत्व है जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। डॉक्टर बता रहे हैं इसकी कमी से शरीर में कौन से लक्षण नज़र आने लगते हैं।

विटामिन डी की कमी - India TV Hindi
Image Source : MAGNIFIC विटामिन डी की कमी

विटामिन D हमारे शरीर के लिए सबसे ज़रूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह हमारे शरीर की हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मजबूत रखने में अहम योगदान निभाता है। लेकिन, आजकल धूप कम लेने और खराब लाइफस्टाइल की वजह से कई लोगों में इसकी कमी देखी जाती है। 19 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन डॉक्टर कुणाल सूद ने विटामिन D की कमी के पांच ऐसे संकेत बताए, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन लक्षणों के जरिए शरीर में इस जरूरी विटामिन की कमी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर दिखते हैं ये लक्षण

 

  • हड्डियों में दर्द: विटामिन डी हड्डियों की सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी कमी होने पर हड्डियों में दर्द हो सकता है। विटामिन D की गंभीर कमी से हड्डियों का मिनरलाइज़ेशन प्रभावित हो सकता है, जिससे ऑस्टियोमलेशिया हो सकता है। इससे खासकर पीठ के निचले हिस्से, पेल्विस, कूल्हों और पैरों में गहरा दर्द या कोमलता महसूस हो सकती है।

  • मांसपेशियों में कमजोरी: विटामिन D की कमी होने पर शरीर के मुख्य हिस्सों की मांसपेशियों में कमज़ोरी आ सकती है, खासकर कूल्हों और जांघों के आस-पास। रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इसके संकेत सीढ़ियाँ चढ़ने या नीची कुर्सी से उठने में मुश्किल के तौर पर दिख सकते हैं। असल कमी को ठीक करने से फ़ायदा हो सकता है, लेकिन सिर्फ़ ज़्यादा विटामिन D लेने से अपने-आप ताकत नहीं बढ़ती।

  • बहुत ज़्यादा थकान: डॉ. सूद ने बताया कि विटामिन D का लेवल कम होना डिप्रेशन के लक्षणों से जुड़ा है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि इसकी कमी से डिप्रेशन होता है। ट्रायल्स से पता चलता है कि विटामिन D डिप्रेशन के लक्षणों वाले कुछ लोगों में सपोर्टिव रोल निभा सकता है, लेकिन यह लगभग विटामिन D की जगह नहीं ले सकता।

  • मामूली चोटों से फ्रैक्चर: लंबे समय तक गंभीर कमी रहने से ऑस्टियोमलेशिया के कारण हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे सामान्य मैकेनिकल दबाव झेलने की उनकी क्षमता कम हो जाती है। हालांकि, फ्रैक्चर ऑस्टियोपोरोसिस, दवाओं या हड्डियों की अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकते हैं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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