जब घर में कोई छोटा बच्चा किसी छोटी चीज़ जैसे सिक्का, बैटरी, खिलौने का छोटा हिस्सा या मोती को निगल जाता है, तो माता-पिता का घबराना स्वाभाविक है। आपने भी अपने जीवन में कभी न कभी ये चीज एक्सपीरियंस किया होगा। ऐसे समय में शांत रहकर तुरंत सही कदम उठाना बच्चे की जान और सेहत के लिए बेहद जरूरी है। डॉ. मोहम्मद नदीम, प्रमुख, आपातकालीन विभाग, FMRI गुड़गांव बता रहे हैं कि बच्चा कुछ निगल ले तो माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्या कहते हैं डॉक्टर
जब कोई बच्चा गलती से कोई छोटी चीज निगल लेता है, तो माता-पिता को घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए। सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि बच्चा सामान्य रूप से सांस ले पा रहा है या नहीं और उसे खांसी, दम घुटने या सांस लेने में परेशानी तो नहीं हो रही है। यदि बच्चे को सांस लेने में कठिनाई, लगातार खांसी, बहुत अधिक लार आना, निगलने में परेशानी, होंठ नीले पड़ना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में ले जाना चाहिए।
यदि बच्चा सामान्य रूप से सांस ले रहा है और उसे कोई परेशानी नहीं हो रही है, तब भी यह पता लगाना जरूरी है कि उसने क्या निगला है, उसका आकार कितना है और यह घटना कब हुई। हर निगली हुई चीज खतरनाक नहीं होती। कुछ छोटी और चिकनी वस्तुएं बिना किसी परेशानी के पाचन तंत्र से बाहर निकल सकती हैं। हालांकि, बटन बैटरी, चुंबक, नुकीली चीजें और खाने की नली में फंसे सिक्के गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल जांच जरूरी है, भले ही बच्चे में कोई लक्षण दिखाई न दे रहे हों।
इन बातों का माता-पिता को रखना चाहिए ध्यान
माता-पिता को बच्चे को जबरदस्ती उल्टी नहीं करवानी चाहिए, न ही उसे जबरन खाना या पानी देना चाहिए। मुंह में उंगली डालकर वस्तु निकालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे वह चीज और अंदर जा सकती है। यदि बच्चे ने बटन बैटरी या चुंबक निगल लिया है, तो लक्षणों का इंतजार बिल्कुल न करें और तुरंत अस्पताल जाएं। अस्पताल में इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ बच्चे की सांस, हृदय गति और सामान्य स्थिति की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे, निगरानी या एंडोस्कोपी की सलाह दी जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसी घटना को मामूली समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय मदद मिलने से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
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