महिलाओं को HIV/AIDS को लेकर कैसे करें जागरूक? जानें एचआईवी संक्रमण से बचे रहने के लिए क्या करना चाहिए?
कई महिलाएं डर या शर्म की वजह से एचआईवी जैसा स्वास्थ्य समस्या छिपा लेती हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है। ऐसे में चलिए जानते हैं एचआईवी एड्स को लेकर महिलाओ को कैसे जागरूक करें?
एचआईवी एड्स आज भी एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह समस्या पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से प्रभावित करती है। इसलिए सही जानकारी और जागरूकता के जरिए ही इससे बचाव संभव है। मैक्योर हॉस्पिटल में गायनेकोलॉजी और आईवीएफ, एचओडी डॉ. गीता जैन कहती हैं कि खासतौर पर महिलाओं का एड्स को लेकर जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि अक्सर महिलाएं सामाजिक संकोच, जानकारी की कमी के कारण समय पर जांच और इलाज नहीं करा पातीं। इसलिए महिलाओं को HIV के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी देना ज़रूरी है।
महिलाओं में कैसे फैलता है एचआईवी?
एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। यह असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून चढ़ाने, संक्रमित सुई और गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान मां से बच्चे में फैल सकता है। हालांकि, बता दें एचआईवी साथ बैठने, हाथ मिलाने, गले मिलने या खाना साझा करने से नहीं फैलता।
महिलाओं में कैसे बढ़ेगी जागरूकता?
महिलाओं में एचआईवी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए सबसे पहले उन्हें सही यौन शिक्षा देना जरूरी है।सुरक्षित यौन संबंधों के साथ कंडोम के इस्तेमाल की भी जानकरी होनी चाहिए। इसके अलावा, अगर किसी महिला का पार्टनर संक्रमित है तो नियमित रूप से एचआईवी टेस्ट कराना बहुत जरूरी है।
गर्भवती महिलाओं के लिए जांच करवाना है ज़रूरी
गर्भवती महिलाओं के लिए एचआईवी जांच करवाना बहुत ज़रूरी है। अगर समय पर इसका पता चल जाए, तो इलाज और दवाइयों के जरिए मां से बच्चे में संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है।
बरतनी होंगी कौन सी सावधानियां?
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एचआईवी से बचाव के लिए हमेशा सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
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इस्तेमाल की हुई सुई या सिरिंज का दोबारा इस्तेमाल न करें।
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केवल जांचे हुए और सुरक्षित खून का ही इस्तेमाल करे।
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समय-समय पर एचआईवीकी जांच करवाना संक्रमण से बचाव के प्रभावी तरीके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
